UP के Deoria जिले में इन दिनों पेट्रोल और डीजल की भारी कमी देखी जा रही है। सीमावर्ती जिला होने के कारण बिहार और नेपाल से आने वाले वाहनों की वजह से ईंधन की मांग अचानक बढ़ गई है। इस वजह से जिले के कई पेट्रोल पंपों पर स्टॉक
UP के Deoria जिले में इन दिनों पेट्रोल और डीजल की भारी कमी देखी जा रही है। सीमावर्ती जिला होने के कारण बिहार और नेपाल से आने वाले वाहनों की वजह से ईंधन की मांग अचानक बढ़ गई है। इस वजह से जिले के कई पेट्रोल पंपों पर स्टॉक खत्म हो गया है और लोगों को लंबी कतारों का सामना करना पड़ रहा है।
पंपों की क्या है स्थिति और क्यों हो रही कमी
देवरिया में ईंधन की स्थिति काफी खराब रही है। 21 मई को वैश्विक परिस्थितियों के कारण 100 से अधिक पंपों पर कमी आई थी, वहीं 23 मई तक 40 पंप पूरी तरह सूखे नजर आए। खेती के लिए डीजल की मांग बढ़ने और बिहार के लोगों द्वारा बॉर्डर जिले से तेल भरवाने के कारण स्टॉक तेजी से खत्म हो रहा है। सलेमपुर के एक पंप पर तो एक हफ्ते से तेल नहीं पहुंचा है।
प्रशासन ने क्या कदम उठाए हैं
स्थिति को संभालने के लिए जिला आपूर्ति अधिकारी (DSO) रामेंद्र प्रताप सिंह ने 20 सदस्यों की एक टीम बनाई है। यह टीम पेट्रोल पंपों का निरीक्षण कर रही है और तेल कंपनियों को तुरंत आपूर्ति बहाल करने के निर्देश दे रही है। जिलाधिकारी दिव्या मित्तल ने पहले ही लोगों से अफवाहों पर ध्यान न देने की अपील की थी। उन्होंने भीड़ रोकने के लिए चार पहिया वाहनों के लिए 500 रुपये और दोपहिया वाहनों के लिए 200 रुपये की अधिकतम सीमा तय करने का आदेश दिया था।
डीलर एसोसिएशन और कीमतों का विवरण
डीजल-पेट्रोल डीलर एसोसिएशन के जिला अध्यक्ष श्रीकांत मणि त्रिपाठी का कहना है कि जिले में तेल की कोई वास्तविक कमी नहीं है। उनके अनुसार बेतालपुर डिपो से टैंकर समय पर नहीं पहुंच रहे हैं, जिससे यह अस्थायी समस्या पैदा हुई है। 24 मई 2026 को देवरिया में पेट्रोल की कीमत 99.53 रुपये प्रति लीटर दर्ज की गई, जिसमें कोई बदलाव नहीं हुआ है।
Frequently Asked Questions (FAQs)
देवरिया में पेट्रोल-डीजल की कमी का मुख्य कारण क्या है
बिहार और नेपाल से आने वाले वाहनों की बढ़ी मांग और खेती के लिए डीजल की जरूरत मुख्य कारण हैं। साथ ही बेतालपुर डिपो से टैंकरों की आपूर्ति समय पर न होना भी एक वजह है।
भीड़ को नियंत्रित करने के लिए प्रशासन ने क्या नियम बनाए हैं
जिलाधिकारी ने गैलन या ड्रम में तेल देने पर रोक लगाई है। साथ ही दोपहिया वाहनों के लिए अधिकतम 200 रुपये और चार पहिया वाहनों के लिए 500 रुपये की सीमा तय की है।