Delhi के अस्पताल ने 22 साल की युवती के दिमाग से निकाला क्रिकेट गेंद जैसा ट्यूमर, सफल रही जटिल सर्जरी

Delhi: राजधानी दिल्ली के एक निजी अस्पताल ने चिकित्सा के क्षेत्र में बड़ी कामयाबी हासिल की है। यहाँ डॉक्टरों ने एक 22 साल की युवती के मस्तिष्क से ‘मल्टी ड्रग रेजिस्टेंट ट्यूबरकुलोसिस’ (MDR-TB) की वजह से बने एक

Delhi: राजधानी दिल्ली के एक निजी अस्पताल ने चिकित्सा के क्षेत्र में बड़ी कामयाबी हासिल की है। यहाँ डॉक्टरों ने एक 22 साल की युवती के मस्तिष्क से ‘मल्टी ड्रग रेजिस्टेंट ट्यूबरकुलोसिस’ (MDR-TB) की वजह से बने एक बड़े ‘ब्रेन लीजन’ को सफलतापूर्वक बाहर निकाल दिया है। यह ऑपरेशन इतना जटिल था कि इससे पहले दो बड़े अस्पतालों ने हाथ खड़े कर दिए थे।

यह पूरा मामला मॉडल टाउन स्थित यथार्थ अस्पताल का है। युवती जब अस्पताल पहुँची तो वह कोमा की स्थिति में थी और उसके दिमाग में क्रिकेट गेंद के आकार का एक बड़ा घाव (लीजन) था। न्यूरोसर्जरी विभाग के अध्यक्ष डॉ. सुनील कुमार बरनवाल और न्यूरोलॉजी विभाग के प्रमुख डॉ. रजत चोपड़ा की टीम ने इस कठिन सर्जरी को अंजाम दिया। सफल क्रैनियोटॉमी और ट्यूमर को पूरी तरह निकालने के बाद मरीज की हालत में तेजी से सुधार हुआ और एक हफ्ते के भीतर उसे स्वस्थ होकर छुट्टी दे दी गई।

विश्व मस्तिष्क दिवस के अवसर पर आयोजित एक प्रेस कॉन्फ्रेंस में डॉ. सुनील कुमार बरनवाल ने इस केस की जानकारी साझा की। उन्होंने बताया कि मरीज के पिता दिल्ली पुलिस में सहायक उपनिरीक्षक हैं। सर्जरी के बाद अब युवती पूरी तरह सामान्य जीवन जी रही है और अपनी पढ़ाई भी दोबारा शुरू कर चुकी है।

डॉक्टरों ने इस मौके पर एक जरूरी चेतावनी भी दी है। उन्होंने कहा कि ब्रेन स्ट्रोक, ब्रेन इंफेक्शन और मिर्गी जैसी न्यूरोलॉजिकल बीमारियाँ अब सिर्फ बुजुर्गों तक सीमित नहीं रह गई हैं। आजकल ये समस्याएँ युवाओं में भी तेजी से बढ़ रही हैं, इसलिए लक्षणों को नजरअंदाज नहीं करना चाहिए।