Delhi: राजधानी दिल्ली में पानी का बड़ा संकट खड़ा हो गया है। यमुना नदी का जलस्तर काफी नीचे गिर गया है, जिससे शहर की पानी की सप्लाई पर बुरा असर पड़ा है। वजीराबाद बैराज के पास नदी की हालत इतनी खराब है कि पानी की जगह अब सिर्
Delhi: राजधानी दिल्ली में पानी का बड़ा संकट खड़ा हो गया है। यमुना नदी का जलस्तर काफी नीचे गिर गया है, जिससे शहर की पानी की सप्लाई पर बुरा असर पड़ा है। वजीराबाद बैराज के पास नदी की हालत इतनी खराब है कि पानी की जगह अब सिर्फ रेत के टीले दिख रहे हैं और लोग इसे पैदल पार कर रहे हैं।
पानी की कमी से किन इलाकों में हो रही है परेशानी?
यमुना का जलस्तर कम होने की वजह से दिल्ली के उत्तर, मध्य और पश्चिम हिस्सों में पानी की सप्लाई में 25% तक की कटौती हुई है। जहांगीरपुरी और दक्षिणपुरी जैसे इलाकों में लोग पानी की किल्लत को लेकर विरोध प्रदर्शन कर रहे हैं। वजीराबाद और चंद्रवल वॉटर ट्रीटमेंट प्लांट अपनी पूरी क्षमता से काम नहीं कर पा रहे हैं, जिससे आम जनता को मुश्किलों का सामना करना पड़ रहा है।
यमुना के जलस्तर और पानी की स्थिति क्या है?
वजीराबाद में पानी का स्तर सामान्य स्तर 674.5 फीट से गिरकर लगभग 669.8 फीट तक पहुंच गया है। हथनीकुंड बैराज से नदी में सिर्फ 352 क्यूसेक पानी छोड़ा जा रहा है, जबकि नदी के पर्यावरण को बचाने के लिए कम से कम 1,500 क्यूसेक पानी की जरूरत होती है। दिल्ली सरकार अब हरियाणा सरकार से मुनक नहर के जरिए अतिरिक्त पानी की मांग कर रही है।
सरकार और प्रशासन ने क्या कदम उठाए हैं?
दिल्ली के एलजी विनय कुमार सक्सेना ने कहा कि वह हरियाणा सरकार से यमुना में पानी छोड़ने के मुद्दे पर बात करेंगे। दिल्ली जल बोर्ड ने संकेत दिए हैं कि अगर जलस्तर और गिरा, तो पानी निकालने के लिए नावों पर पंप लगाकर काम करना पड़ सकता है। इसके अलावा, दिल्ली सरकार ने ‘मिशन यमुना’ के तहत 1,000 करोड़ रुपये से ज्यादा के प्रोजेक्ट्स को मंजूरी दी है ताकि भविष्य में जल प्रबंधन और सफाई को बेहतर किया जा सके।
Frequently Asked Questions (FAQs)
दिल्ली में पानी की कटौती क्यों हो रही है?
वजीराबाद बैराज पर यमुना का जलस्तर 674.5 फीट के सामान्य स्तर से गिरकर 669.8 फीट के करीब आ गया है, जिससे वॉटर ट्रीटमेंट प्लांट पूरी क्षमता से काम नहीं कर पा रहे हैं।
कितने प्रतिशत पानी की कटौती की गई है?
उत्तर, मध्य और पश्चिम दिल्ली के कई इलाकों में पानी की सप्लाई में लगभग 25% तक की कटौती दर्ज की गई है।