Delhi: यमुना नदी को गंदा करने वाले 15 सीवेज ट्रीटमेंट प्लांट (STP) पर दिल्ली प्रदूषण नियंत्रण समिति (DPCC) ने सख्त कार्रवाई की है। इन प्लांटों पर नियमों की अनदेखी करने के लिए कुल 2.89 करोड़ रुपये का पर्यावरणीय मुआवजा यान
Delhi: यमुना नदी को गंदा करने वाले 15 सीवेज ट्रीटमेंट प्लांट (STP) पर दिल्ली प्रदूषण नियंत्रण समिति (DPCC) ने सख्त कार्रवाई की है। इन प्लांटों पर नियमों की अनदेखी करने के लिए कुल 2.89 करोड़ रुपये का पर्यावरणीय मुआवजा यानी जुर्माना लगाया गया है। यह कदम राष्ट्रीय हरित अधिकरण (NGT) में रिपोर्ट जमा करने के बाद उठाया गया है।
किन STP पर लगा जुर्माना और क्या है वजह?
DPCC ने उन 15 STP को चिन्हित किया है जो जुलाई से अक्टूबर 2025 के बीच तय मानकों पर खरे नहीं उतरे थे। इन प्लांटों पर आरोप है कि ये बिना सही ट्रीटमेंट के गंदा पानी यमुना में छोड़ रहे थे। DPCC के एडिशनल डायरेक्टर डॉ. अनवर अली खान ने NGT में हलफनामा देकर इस पूरी कार्रवाई की जानकारी दी है। दिल्ली जल बोर्ड (DJB) हर महीने इन प्लांटों की निगरानी करता है और सैंपल्स की जांच DPCC की लैब में होती है।
यमुना की सफाई के लिए क्या कदम उठाए जा रहे हैं?
दिल्ली सरकार ने शहर के सभी 37 STP का थर्ड-पार्टी ऑडिट कराने का फैसला किया है ताकि उनकी काम करने की क्षमता सुधारी जा सके। नजफगढ़ नाले से आने वाले प्रदूषण को रोकने के लिए 11 छोटे STP लगाए जा रहे हैं, क्योंकि यमुना के प्रदूषण में इस नाले का बड़ा हाथ है। साथ ही, नदी की रियल-टाइम निगरानी के लिए 41 ऑनलाइन मॉनिटरिंग स्टेशन लगाने की योजना है। दिल्ली जल बोर्ड इस साल के अंत तक 6 और STP का काम पूरा कर लेगा।
UP के मथुरा और वृंदावन की क्या स्थिति है?
यमुना प्रदूषण का मामला सिर्फ दिल्ली तक सीमित नहीं है। NGT ने मथुरा और वृंदावन में नदी की गंभीर हालत और बाढ़ क्षेत्र में हो रहे अवैध निर्माण को लेकर केंद्र और उत्तर प्रदेश सरकार को नोटिस भेजा है। CPCB की रिपोर्ट में दिल्ली और मथुरा को यमुना के सबसे प्रदूषित हिस्सों में गिना गया है। इस मामले की अगली सुनवाई 4 अगस्त 2026 को होगी।
Frequently Asked Questions (FAQs)
STP पर जुर्माना क्यों लगाया गया?
जुलाई से अक्टूबर 2025 के दौरान 15 STP निर्धारित मानकों पर खरे नहीं उतरे और यमुना को प्रदूषित किया, इसलिए ‘प्रदूषक भुगतान सिद्धांत’ के तहत 2.89 करोड़ का जुर्माना लगाया गया।
दिल्ली के कितने STP अब मानकों को पूरा कर रहे हैं?
DPCC की मार्च 2026 की रिपोर्ट के अनुसार, दिल्ली के 37 STP में से 27 प्लांट अब निर्धारित मानकों पर खरे उतरे हैं।