Delhi: राजधानी दिल्ली की जीवनरेखा कही जाने वाली यमुना नदी में गंदगी का स्तर बहुत बढ़ गया है। शहर का गंदा पानी और फैक्ट्रियों का कचरा सीधे नदी में जा रहा है, जिससे पानी इतना जहरीला हो गया है कि इसमें नहाने लायक भी नहीं बच
Delhi: राजधानी दिल्ली की जीवनरेखा कही जाने वाली यमुना नदी में गंदगी का स्तर बहुत बढ़ गया है। शहर का गंदा पानी और फैक्ट्रियों का कचरा सीधे नदी में जा रहा है, जिससे पानी इतना जहरीला हो गया है कि इसमें नहाने लायक भी नहीं बचा। सरकार अब इस समस्या को सुलझाने के लिए नए प्लांट लगाने और पुराने नालों की सफाई पर काम कर रही है।
यमुना में प्रदूषण बढ़ने की मुख्य वजह क्या है?
IIT-Delhi के प्रोफेसर ए.के. गोसाईन के मुताबिक, अनधिकृत कॉलोनियों में सीवर की सही व्यवस्था नहीं है, जिससे गंदा पानी सीधे नालों में जाता है। इसके अलावा, पुराने सीवर पाइप फटने या जानबूझकर छेद किए जाने की वजह से भी गंदगी नदी में मिल रही है। दिल्ली जल बोर्ड की क्षमता 814 MGD है, जबकि शहर में हर दिन 992 MGD से ज्यादा सीवेज पैदा होता है, जिसे साफ करने की सुविधा नहीं है।
सरकार प्रदूषण रोकने के लिए क्या कदम उठा रही है?
दिल्ली सरकार ने ISBT, सेन नर्सिंग होम और जैतपुर जैसे बड़े नालों के इलाज के लिए 28.8 करोड़ रुपये मंजूर किए हैं। यह काम अगले पांच महीनों में पूरा होगा। इसके अलावा, ओखला में एशिया का सबसे बड़ा सीवेज ट्रीटमेंट प्लांट (STP) खुलने वाला है जिसकी क्षमता 124 MGD होगी। मुख्यमंत्री रेखा गुप्ता ने कहा है कि 2028 तक सभी 1,799 अनधिकृत कॉलोनियों को सीवर नेटवर्क से जोड़ दिया जाएगा और कुल क्षमता को बढ़ाकर 1,500 MGD किया जाएगा।
नदी की हालत और एक्सपर्ट्स की राय क्या है?
17 मई 2026 की रिपोर्ट के अनुसार, नदी में फेकल कोलीफॉर्म का स्तर तय सीमा से 620 गुना ज्यादा पाया गया है। TERI के एस.के. सरकार का कहना है कि जब तक 100% सीवेज ट्रीटमेंट नहीं होगा, तब तक यमुना को साफ करना मुश्किल है। वहीं, यमुना एक्टिविस्ट भीम सिंह रावत ने नालों में मौके पर इलाज (in-situ treatment) करने के तरीकों पर संदेह जताया है और एक बेहतर योजना की मांग की है।
Frequently Asked Questions (FAQs)
यमुना नदी में प्रदूषण का स्तर कितना ज्यादा है?
17 मई 2026 की रिपोर्ट के अनुसार, नदी में फेकल कोलीफॉर्म का स्तर सामान्य सीमा से 620 गुना और नहाने के मानकों से 124 गुना ज्यादा पाया गया है।
दिल्ली सरकार ने सीवेज क्षमता बढ़ाने के लिए क्या लक्ष्य रखा है?
सरकार ने 2028 तक कुल सीवेज ट्रीटमेंट क्षमता को बढ़ाकर 1,500 MGD करने और सभी अनधिकृत कॉलोनियों को सीवर लाइन से जोड़ने का लक्ष्य रखा है।