Delhi: राजधानी दिल्ली की यमुना नदी के घाटों को अब एक नया रूप मिलने वाला है। दिल्ली के Lieutenant Governor (L-G) तरणजीत सिंह संधू ने DDA को निर्देश दिए हैं कि यमुना घाटों के पुनर्विकास प्लान में ‘आध्यात्मिक पर्यटन&#
Delhi: राजधानी दिल्ली की यमुना नदी के घाटों को अब एक नया रूप मिलने वाला है। दिल्ली के Lieutenant Governor (L-G) तरणजीत सिंह संधू ने DDA को निर्देश दिए हैं कि यमुना घाटों के पुनर्विकास प्लान में ‘आध्यात्मिक पर्यटन’ (Spiritual Tourism) को भी शामिल किया जाए। यह फैसला कश्मीरी गेट इलाके के पास यमुना बाजार और घाटों की हालत सुधारने के लिए ली गई एक मीटिंग के दौरान लिया गया।
यमुना घाटों के विकास में क्या खास होगा
L-G संधू ने अधिकारियों से कहा है कि रेस्टोरेशन प्लान को इस तरह तैयार करें जिससे वहां आध्यात्मिक पर्यटन को बढ़ावा मिले। इसके साथ ही इलाके में ग्रीन स्पेस बढ़ाया जाएगा और स्थानीय लोगों के लिए कमाई के नए और टिकाऊ साधन पैदा किए जाएंगे। उन्होंने साफ किया कि यमुना की सफाई, वायु प्रदूषण को रोकना, पानी की कमी और बाढ़ से बचाव जैसी प्राथमिकताएं ‘मिशन मोड’ पर पूरी होनी चाहिए।
बाढ़ से बचाव और अन्य सुविधाएं
यमुना बाजार का इलाका रिंग रोड के पास है और यहां अक्सर जलभराव की समस्या रहती है। इसलिए L-G ने बाढ़ से बचाव के पुख्ता इंतजाम करने को कहा है ताकि यह इलाका लंबे समय तक सुरक्षित रहे। वहीं Chief Minister रेखा गुप्ता ने बताया कि दिल्ली सरकार ने ‘ग्रीन बजट’ में यमुना के कायाकल्प के लिए काफी पैसा रखा है। आने वाले समय में नदी के किनारों को पब्लिक एसेट्स के रूप में विकसित किया जाएगा, जिसमें वेटलैंड संरक्षण और जैव विविधता पर ध्यान दिया जाएगा।
भविष्य की योजनाएं और प्रोजेक्ट्स
CM रेखा गुप्ता ने पहले ही 12 किलोमीटर लंबा ‘छठ घाट’ बनाने, यमुना क्रूज सर्विस शुरू करने और एक टूरिज्म सर्किट लॉन्च करने की योजना बताई है। फिलहाल DDA यमुना के डूब क्षेत्र में करीब 1,660 हेक्टेयर जमीन पर 11 प्रोजेक्ट्स चला रहा है। पल्ला से कालिंदी कुंज तक लगभग 55 किलोमीटर के रिवरफ्रंट को इको-फ्रेंडली बनाया जाएगा। वासुदेव घाट, असिता और बांसेरा घाट को पहले ही मॉडल के तौर पर विकसित किया जा चुका है।
Frequently Asked Questions (FAQs)
यमुना घाटों के पुनर्विकास का मुख्य उद्देश्य क्या है
इसका मुख्य उद्देश्य यमुना के किनारों को इको-फ्रेंडली बनाना, आध्यात्मिक पर्यटन को बढ़ावा देना और स्थानीय लोगों के लिए रोजगार के अवसर पैदा करना है।
यमुना के कायाकल्प के लिए कौन-कौन सी एजेंसियां काम कर रही हैं
DDA के साथ-साथ Irrigation and Flood Control Department, दिल्ली जल बोर्ड (DJB), DPCC और MCD इस काम में सहयोग कर रहे हैं।