Delhi: यमुना नदी को प्रदूषण मुक्त बनाने के लिए केंद्र और राज्य सरकारें मिलकर काम कर रही हैं। अब दिल्ली की डेयरी से निकलने वाली गंदगी को नदी में जाने से रोकने के लिए Municipal Corporation of Delhi (MCD) और National Dairy
Delhi: यमुना नदी को प्रदूषण मुक्त बनाने के लिए केंद्र और राज्य सरकारें मिलकर काम कर रही हैं। अब दिल्ली की डेयरी से निकलने वाली गंदगी को नदी में जाने से रोकने के लिए Municipal Corporation of Delhi (MCD) और National Dairy Development Board (NDDB) के बीच एक समझौता (MoU) होगा। यह फैसला सोमवार, 8 जून 2026 को गृह मंत्री Amit Shah की अध्यक्षता में हुई बैठक में लिया गया।
डेयरी वेस्ट का क्या होगा और कैसे होगा फायदा
इस नई योजना के तहत डेयरी फार्मों और गौशालाओं से निकलने वाले गोबर और कचरे को सीधे गैस और खाद बनाने वाले प्लांट में भेजा जाएगा। NDDB के मॉडल का इस्तेमाल करके इस वेस्ट को नेचुरल गैस (बायोगैस/गोबर गैस) और ऑर्गेनिक खाद में बदला जाएगा। इससे न केवल यमुना में गंदगी कम होगी, बल्कि कचरे से कमाई और ऊर्जा का स्रोत भी मिलेगा।
यमुना सफाई के लिए क्या-क्या कदम उठाए जाएंगे
गृह मंत्री Amit Shah ने साफ किया कि यमुना की सफाई प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी की प्राथमिकता है। इसके लिए दिल्ली, हरियाणा और उत्तर प्रदेश की सरकारों को मिलकर काम करने को कहा गया है। प्रोजेक्ट की प्रोग्रेस की हर 20 दिन में समीक्षा की जाएगी। इसके अलावा नदी की सिल्ट (कीचड़) निकालने के काम में तेजी लाई जाएगी ताकि मानसून के दौरान यह दोबारा नदी में न मिले।
STP और प्रदूषण की निगरानी कैसे होगी
नदी में गिरने वाले गंदे पानी और इंडस्ट्रियल वेस्ट पर कड़ी नजर रखी जाएगी। BOD, COD और TSS जैसे मानकों के जरिए पानी की शुद्धता जांची जाएगी। फिलहाल दिल्ली, हरियाणा और यूपी में 129 STP काम कर रहे हैं, जबकि 2027 के अंत तक 59 नए STP और बनाए जाएंगे।
Frequently Asked Questions (FAQs)
डेयरी वेस्ट से क्या बनाया जाएगा?
NDDB के मॉडल के जरिए डेयरी और गौशालाओं के कचरे को बायोगैस (गोबर गैस) और जैविक खाद (Organic Fertilizer) में बदला जाएगा।
यमुना सफाई प्रोजेक्ट की निगरानी कैसे होगी?
गृह मंत्री Amit Shah के निर्देशानुसार इस पूरे प्रोजेक्ट की प्रगति की समीक्षा हर 20 दिन में की जाएगी।