Delhi: यमुना नदी को प्रदूषण मुक्त बनाने के लिए गंगा का 500 क्यूसेक पानी मोड़ने की बड़ी योजना फिलहाल अटक गई है। उत्तर प्रदेश सिंचाई विभाग ने साफ कर दिया है कि अभी यह काम संभव नहीं है। नहरों की खराब हालत और पानी की कमी की
Delhi: यमुना नदी को प्रदूषण मुक्त बनाने के लिए गंगा का 500 क्यूसेक पानी मोड़ने की बड़ी योजना फिलहाल अटक गई है। उत्तर प्रदेश सिंचाई विभाग ने साफ कर दिया है कि अभी यह काम संभव नहीं है। नहरों की खराब हालत और पानी की कमी की वजह से इस प्रस्ताव को फिलहाल टाल दिया गया है।
योजना क्यों रुकी और क्या है मुख्य समस्या
उत्तर प्रदेश सिंचाई विभाग के मुताबिक, जिस बुनियादी ढांचे के जरिए पानी मोड़ा जाना था, वह अभी तैयार नहीं है। नहरें टूटी-फूटी हैं और पानी का बहाव भी काफी कम है। ऐसे में इतनी बड़ी मात्रा में पानी का हस्तांतरण करना मुश्किल है। इससे पहले 22 मई 2025 को गृह मंत्री अमित शाह की अध्यक्षता में हुई बैठक में इस पर चर्चा हुई थी, लेकिन जमीनी हकीकत अलग निकली।
यमुना की सफाई के लिए सरकार के अन्य प्रयास
भले ही गंगा जल मोड़ने की योजना रुकी हो, लेकिन दिल्ली सरकार यमुना की सफाई के लिए अन्य रास्तों पर काम कर रही है। 16 जनवरी 2026 को एक मेगा प्लान तैयार किया गया है, जिसके लिए 518.88 करोड़ रुपये का बजट रखा गया है। इसके तहत प्रदूषित पानी को रोकने, सीवेज ट्रीटमेंट प्लांट (CETP और DSTP) की क्षमता बढ़ाने और नजफगढ़ नाले की सफाई पर जोर दिया जा रहा है।
विशेषज्ञों की राय और तकनीकी चुनौतियां
नदी कार्यकर्ता भीम सिंह रावत ने इस योजना को एक शॉर्टकट बताया है। उनका कहना है कि गंगा में खुद पानी की कमी है, इसलिए एक नदी के पानी से दूसरी नदी को बचाना सही समाधान नहीं है। वहीं, आईआईटी रुड़की को देवबंद चैनल की क्षमता बढ़ाने का अध्ययन सौंपा गया है ताकि भविष्य में पानी मोड़ने की संभावनाओं को देखा जा सके।
Frequently Asked Questions (FAQs)
गंगा का कितना पानी यमुना में मोड़ने का प्रस्ताव था
दिल्ली सरकार की योजना हिंडन नदी के माध्यम से लगभग 500 क्यूसेक गंगा जल को यमुना में लाने की थी, ताकि नदी की सफाई हो सके।
यमुना सफाई के लिए दिल्ली सरकार ने कितना बजट रखा है
दिल्ली सरकार ने यमुना सफाई के लिए 518.88 करोड़ रुपये की मेगा योजना तैयार की है, जिसे राष्ट्रीय स्वच्छ गंगा मिशन के तहत फंड किया जाएगा।