Delhi: यमुना नदी को गंदगी से बचाने के लिए केंद्र सरकार ने एक बड़ा प्लान तैयार किया है। अब दिल्ली की गौशालाओं और डेयरियों से निकलने वाला गोबर सीधे गैस और खाद बनाने वाले प्लांट तक पहुंचाया जाएगा। केंद्रीय गृह मंत्री Amit S
Delhi: यमुना नदी को गंदगी से बचाने के लिए केंद्र सरकार ने एक बड़ा प्लान तैयार किया है। अब दिल्ली की गौशालाओं और डेयरियों से निकलने वाला गोबर सीधे गैस और खाद बनाने वाले प्लांट तक पहुंचाया जाएगा। केंद्रीय गृह मंत्री Amit Shah ने 8 जून 2026 को एक समीक्षा बैठक की, जिसमें तय हुआ कि कचरे को संसाधन में बदलकर नदी के प्रदूषण को कम किया जाएगा।
गोबर से गैस बनाने का क्या है पूरा प्लान?
यमुना को साफ करने के लिए अब सिर्फ नालों और सीवेज पर ध्यान नहीं दिया जाएगा। इसके लिए MCD और National Dairy Development Board (NDDB) के बीच एक MoU साइन होगा। इस मॉडल के तहत दिल्ली की डेयरियों और गौशालाओं के गोबर को सीधे गैस और खाद प्लांट भेजा जाएगा, ताकि यह कचरा बहकर यमुना में न जाए।
यमुना सफाई प्रोजेक्ट की अब तक की प्रोग्रेस क्या है?
नदी के नालों से गाद (Silt) निकालने का काम तेजी से चल रहा है। कुल 28.57 लाख MT गाद में से 97% काम पूरा हो चुका है और बाकी काम 15 जून तक खत्म हो जाएगा। साथ ही, दिल्ली, हरियाणा और यूपी में 129 Sewage Treatment Plants (STPs) बन चुके हैं और साल 2027 के अंत तक 59 नए STP और बनाने की योजना है।
आगे की रणनीति और डेडलाइन क्या है?
केंद्रीय जल शक्ति मंत्री CR Patil ने कहा है कि जनवरी 2028 तक यमुना को पूरी तरह साफ कर दिया जाएगा। इस पूरे प्रोजेक्ट की निगरानी हर 20 दिन में की जाएगी। इसके अलावा, दिल्ली की मुख्यमंत्री Rekha Gupta 14 जून को ‘Yamuna Riverfront Cleaning Campaign 2026’ शुरू करेंगी, ताकि लोगों को सफाई के प्रति जागरूक किया जा सके।
Frequently Asked Questions (FAQs)
यमुना को पूरी तरह साफ करने का लक्ष्य कब तक रखा गया है?
केंद्रीय जल शक्ति मंत्री CR Patil के अनुसार, यमुना नदी को जनवरी 2028 तक पूरी तरह साफ करने का लक्ष्य रखा गया है।
गोबर प्रबंधन के लिए किन संस्थाओं के बीच समझौता होगा?
नगर निगम (MCD) और National Dairy Development Board (NDDB) के बीच MoU साइन होगा, ताकि गोबर को सीधे गैस और खाद प्लांट पहुंचाया जा सके।