Delhi: यमुना बाजार घाट इलाके में रहने वाले करीब 310 परिवारों की मुश्किलें बढ़ गई हैं। दिल्ली आपदा प्रबंधन प्राधिकरण (DDMA) ने इस इलाके में अतिक्रमण हटाने के लिए नोटिस जारी किए हैं, जिससे लगभग 1100 लोग बेघर हो सकते हैं। प
Delhi: यमुना बाजार घाट इलाके में रहने वाले करीब 310 परिवारों की मुश्किलें बढ़ गई हैं। दिल्ली आपदा प्रबंधन प्राधिकरण (DDMA) ने इस इलाके में अतिक्रमण हटाने के लिए नोटिस जारी किए हैं, जिससे लगभग 1100 लोग बेघर हो सकते हैं। प्रशासन ने साफ कर दिया है कि यह जमीन DDA की है और यहां किसी भी तरह का निर्माण गैरकानूनी है।
क्यों हटाया जा रहा है यमुना बाजार घाट से अतिक्रमण?
दिल्ली सरकार के मुताबिक यह इलाका यमुना नदी का ‘ओ-जोन’ यानी बाढ़-मैदान है। यहां निर्माण करना प्रतिबंधित है क्योंकि हर साल बाढ़ के दौरान यह पूरा इलाका पानी में डूब जाता है। साल 2023 और 2025 में यहां काफी गंभीर स्थिति बनी थी, जिससे लोगों की जान और माल को खतरा हुआ था। नेशनल ग्रीन ट्रिब्यूनल (NGT) ने भी DDA को निर्देश दिए हैं कि यमुना के बाढ़-मैदानों से सभी अवैध कब्जों को हटाया जाए।
नोटिस में क्या कहा गया है और आगे क्या होगा?
एडीएम डॉ. शशिपाल डबास ने आपदा प्रबंधन अधिनियम, 2005 की धारा 34 के तहत नोटिस जारी किए हैं। लोगों को 15 दिनों के भीतर यह इलाका खाली करने को कहा गया है। प्रशासन ने चेतावनी दी है कि अगर तय समय में जगह खाली नहीं की गई, तो बिना किसी अगली सूचना के भारी पुलिस बल और बुलडोजर के साथ ध्वस्तीकरण अभियान चलाया जाएगा। दिल्ली सरकार अब काशी की तर्ज पर यमुना घाटों को भव्य बनाने की योजना पर काम कर रही है।
स्थानीय लोगों और विपक्षी दलों का क्या कहना है?
नोटिस मिलने के बाद इलाके के लोगों में काफी गुस्सा है। निवासियों का दावा है कि वे यहां दशकों से रह रहे हैं और उनके पास वैध पहचान पत्र हैं। कुछ लोगों ने दिल्ली हाई कोर्ट के स्थगन आदेश (Stay Order) का हवाला देते हुए इस कार्रवाई को अवैध बताया है। वहीं, दिल्ली प्रदेश कांग्रेस अध्यक्ष देवेंद्र यादव और अन्य नेताओं ने इसका विरोध किया है। उनका कहना है कि सरकार बिना किसी पुनर्वास या वैकल्पिक व्यवस्था के लोगों को बेघर कर रही है।
Frequently Asked Questions (FAQs)
यमुना बाजार घाट में कितने लोगों को नोटिस मिला है?
DDMA ने करीब 310 परिवारों को नोटिस जारी किया है, जिससे लगभग 1100 लोग प्रभावित होंगे। उन्हें 15 दिनों के भीतर इलाका खाली करने का निर्देश दिया गया है।
प्रशासन इस कार्रवाई का क्या कारण बता रहा है?
प्रशासन का कहना है कि यह जमीन DDA की है और ‘ओ-जोन’ (बाढ़-मैदान) में आने के कारण यहां निर्माण प्रतिबंधित है। साथ ही NGT ने भी अतिक्रमण हटाने के आदेश दिए हैं।