Delhi: दिल्ली में महिलाओं की शिक्षा का ग्राफ तो ऊपर जा रहा है, लेकिन नौकरी के मामले में स्थिति अभी भी चिंताजनक बनी हुई है। एक ताजा रिसर्च के अनुसार दिल्ली में रहने वाली 5 महिलाओं में से केवल 1 ही किसी न किसी काम या नौकरी
Delhi: दिल्ली में महिलाओं की शिक्षा का ग्राफ तो ऊपर जा रहा है, लेकिन नौकरी के मामले में स्थिति अभी भी चिंताजनक बनी हुई है। एक ताजा रिसर्च के अनुसार दिल्ली में रहने वाली 5 महिलाओं में से केवल 1 ही किसी न किसी काम या नौकरी से जुड़ी है। इसका सबसे बड़ा कारण घर के कामों का बोझ और सामाजिक सोच बताया जा रहा है, जिसकी वजह से महिलाएं चाहकर भी ऑफिस नहीं जा पा रही हैं।
महिलाओं के नौकरी न करने के पीछे मुख्य कारण क्या हैं?
दिल्ली में हुए इस सर्वे में 3,000 महिलाओं को शामिल किया गया था। इसमें यह बात सामने आई कि घर की देखरेख और बिना पैसे वाले घरेलू कामों की वजह से महिलाएं बाहर नहीं निकल पा रही हैं। Women and Child Development Secretary Rashmi Singh ने कहा कि समाज में यह धारणा बदलना जरूरी है कि घर के काम सिर्फ महिलाओं की ही जिम्मेदारी है।
- काम करने वाली 79.5% महिलाएं और घर पर रहने वाली 85.1% महिलाएं अकेले ही घर की जिम्मेदारी संभालती हैं।
- शिक्षा का स्तर बढ़ने के बावजूद दिल्ली में महिलाओं की वर्कफोर्स भागीदारी सिर्फ 21.3% है।
- Vedica for Women और Nikore Associates की रिपोर्ट के मुताबिक, सुरक्षा और आने-जाने की दिक्कतें भी एक बड़ा रोड़ा हैं।
- ज्यादातर परिवारों में महिलाओं से उम्मीद की जाती है कि वे बिना वेतन के घर के सारे काम संभालें।
दिल्ली सरकार ने महिलाओं की सुरक्षा और काम के लिए क्या नए नियम बनाए हैं?
महिलाओं की भागीदारी बढ़ाने के लिए दिल्ली सरकार ने नियमों में कई बड़े बदलाव किए हैं। अब महिलाओं को रात की शिफ्ट में भी काम करने की छूट दी गई है, लेकिन कंपनियों को सुरक्षा के कड़े इंतजाम करने होंगे। इसके लिए Delhi Shops and Establishments Act में बदलाव किए गए हैं।
| सुविधा और नियम |
महत्वपूर्ण जानकारी |
| नाइट शिफ्ट की अनुमति |
महिलाएं अब रात में काम कर सकती हैं, लेकिन उनकी मर्जी जरूरी है। |
| सुरक्षा के इंतजाम |
कंपनियों को सुरक्षित ट्रांसपोर्ट और CCTV की सुविधा देनी होगी। |
| काम के घंटे |
दिन में अधिकतम 9 घंटे और हफ्ते में 48 घंटे से ज्यादा काम नहीं लिया जा सकता। |
| शिकायत समिति |
हर वर्कप्लेस पर Internal Complaints Committee होना अनिवार्य है। |
दिसंबर 2025 में सरकार ने एक एडवाइजरी भी जारी की थी, जिसमें सरकारी दफ्तरों में महिलाओं को देर रात तक रुकने से मना किया गया है। अगर काम बहुत जरूरी है, तभी उन्हें रुकने की अनुमति दी जाएगी और घर तक छोड़ने के लिए सुरक्षित वाहन का इंतजाम विभाग को करना होगा।