Delhi: राजधानी के किसानों के लिए एक राहत भरी खबर आई है। 24 अप्रैल 2026 से गेहूं की सरकारी खरीद न्यूनतम समर्थन मूल्य (MSP) पर फिर से शुरू हो गई है। करीब 4-5 साल के लंबे इंतजार के बाद अब दिल्ली के किसान अपनी फसल को सरकारी
Delhi: राजधानी के किसानों के लिए एक राहत भरी खबर आई है। 24 अप्रैल 2026 से गेहूं की सरकारी खरीद न्यूनतम समर्थन मूल्य (MSP) पर फिर से शुरू हो गई है। करीब 4-5 साल के लंबे इंतजार के बाद अब दिल्ली के किसान अपनी फसल को सरकारी केंद्रों पर बेच सकेंगे, जिससे उन्हें अपनी उपज का सही दाम मिलेगा।
कहां होगी गेहूं की खरीद और कौन से दस्तावेज जरूरी हैं
सरकार ने गेहूं की खरीद के लिए दो मुख्य केंद्र बनाए हैं, जिनमें नरेला FCI केंद्र और नजफगढ़ मंडी शामिल हैं। अब किसानों को अपनी फसल बेचने के लिए दूर नहीं जाना पड़ेगा, जिससे उनका समय और ट्रांसपोर्ट का खर्च बचेगा। खरीद के लिए किसानों को अपने साथ नीचे दिए गए दस्तावेज लाने होंगे:
- आधार कार्ड
- जमीन के कागजात (खतौनी)
- बैंक पासबुक
किसने लिया यह फैसला और कितने किसानों को होगा फायदा
दिल्ली की मुख्यमंत्री Rekha Gupta ने केंद्रीय मंत्री Pralhad Joshi को पत्र लिखकर स्थानीय खरीद शुरू करने का अनुरोध किया था। मुख्यमंत्री का कहना था कि स्थानीय केंद्रों के अभाव में किसान अपनी फसल MSP से कम दाम पर बेचने को मजबूर थे। केंद्र सरकार ने इस अनुरोध को स्वीकार किया है। इस फैसले से दिल्ली के करीब 21,000 किसानों को सीधा लाभ मिलने की उम्मीद है।
खरीद प्रक्रिया और खेती का विवरण
FCI द्वारा की जा रही इस खरीद के लिए गांव के हिसाब से एक शेड्यूल जारी किया जाएगा ताकि भीड़ न हो और काम आसान रहे। दिल्ली में गेहूं की खेती का विवरण इस प्रकार है:
| विवरण |
जानकारी |
| कुल खेती क्षेत्र |
लगभग 29,000 हेक्टेयर |
| सालाना पैदावार |
लगभग 80,000 मीट्रिक टन |
| खरीद सीजन |
रबी मार्केटिंग सीजन 2026-27 |
| रजिस्ट्रेशन की अंतिम तिथि |
10 मार्च तक बढ़ाई गई थी |