Delhi: राजधानी दिल्ली में इन दिनों पानी की भारी किल्लत हो गई है। यमुना नदी में पानी कम होने की वजह से कई इलाकों में सप्लाई ठप है और लोग पानी के टैंकरों के लिए जूझ रहे हैं। अनधिकृत कॉलोनियों के साथ-साथ अब नियोजित कॉलोनियो
Delhi: राजधानी दिल्ली में इन दिनों पानी की भारी किल्लत हो गई है। यमुना नदी में पानी कम होने की वजह से कई इलाकों में सप्लाई ठप है और लोग पानी के टैंकरों के लिए जूझ रहे हैं। अनधिकृत कॉलोनियों के साथ-साथ अब नियोजित कॉलोनियों में भी लोग बूंद-बूंद पानी के लिए तरस रहे हैं।
दिल्ली में पानी की कमी क्यों हो रही है
दिल्ली में पानी की मांग और आपूर्ति के बीच 250 MGD का बड़ा अंतर है। गर्मी की वजह से यमुना नदी सूखने लगी है, जिससे सप्लाई में 75 से 100 MGD की और कमी आई है। वज़ीराबाद बैराज में पानी का स्तर 674.5 फीट से घटकर 669.5 फीट रह गया है, जिसका सीधा असर जल उपचार संयंत्रों के उत्पादन पर पड़ा है।
सरकार ने राहत के लिए क्या कदम उठाए हैं
मुख्यमंत्री रेखा गुप्ता ने जल आपूर्ति सुधारने के लिए आपातकालीन आदेश दिए हैं। दिल्ली जल बोर्ड ने 980 से ज्यादा टैंकर तैनात किए हैं जो रोजाना 6,000 से ज्यादा फेरे लगा रहे हैं। यमुना के सूखे तल में आपातकालीन पंपिंग सिस्टम लगाया गया है जिससे 40 MGD अतिरिक्त पानी मिलने की उम्मीद है। साथ ही, मुख्यमंत्री ने हरियाणा के मुख्यमंत्री नायब सिंह सैनी से अतिरिक्त पानी छोड़ने की बात की है।
भविष्य के लिए क्या योजनाएं हैं
दिल्ली जल बोर्ड अब घरों में दोहरी पाइपलाइन प्रणाली लाने की तैयारी कर रहा है, जिसमें पीने और अन्य कामों के पानी के लिए अलग लाइन होगी। सरकार ने शहर में Rainwater Harvesting अनिवार्य कर दी है और नई बोरवेल नीति लाने वाली है। इसके अलावा, पानी की बर्बादी रोकने के लिए 200 टीमें तैनात की गई हैं, जो पाइप से कार धोने या टंकी ओवरफ्लो होने पर 2000 रुपये का जुर्माना लगा सकती हैं।
Frequently Asked Questions (FAQs)
दिल्ली में पानी की कितनी कमी है और इसका क्या कारण है?
दिल्ली में मांग और आपूर्ति के बीच 250 MGD का अंतर है। यमुना नदी का जलस्तर गिरने से उत्पादन और कम हो गया है, जिससे कई कॉलोनियों में पानी की किल्लत बढ़ गई है।
पानी की बर्बादी करने पर कितना जुर्माना लगेगा?
दिल्ली सरकार ने पानी की बर्बादी पर 2000 रुपये जुर्माने की घोषणा की है। इसमें पाइप से कार धोना और टंकी का पानी ओवरफ्लो करना शामिल है।