Delhi: राजधानी दिल्ली में पिछले दो हफ्तों से पानी की भारी किल्लत बनी हुई है। यमुना नदी का जलस्तर घटने से सप्लाई में बड़ी कमी आई है, जिससे आम जनता को बूंद-बूंद पानी के लिए जूझना पड़ रहा है। हालात को देखते हुए दिल्ली सरकार
Delhi: राजधानी दिल्ली में पिछले दो हफ्तों से पानी की भारी किल्लत बनी हुई है। यमुना नदी का जलस्तर घटने से सप्लाई में बड़ी कमी आई है, जिससे आम जनता को बूंद-बूंद पानी के लिए जूझना पड़ रहा है। हालात को देखते हुए दिल्ली सरकार ने प्रशासनिक स्तर पर कई बड़े बदलाव किए हैं और अधिकारियों की विशेष टीमें तैनात की हैं।
पानी की कमी के मुख्य कारण और रेड ज़ोन की स्थिति क्या है
यमुना नदी का जलस्तर सामान्य से काफी नीचे चला गया है, जिसकी वजह से दिल्ली को हर दिन 80 से 90 मिलियन गैलन पानी कम मिल रहा है। इसका सीधा असर वजीराबाद और चांदवाल के वॉटर ट्रीटमेंट प्लांट पर पड़ा है। सरकार ने दिल्ली के 70 विधानसभा क्षेत्रों में से 13 को रेड ज़ोन में रखा है, जहां पानी की स्थिति सबसे ज्यादा खराब है। दक्षिणी दिल्ली के गुलमोहर पार्क जैसे इलाकों में नलों से सीवर का पानी आने की शिकायतें भी मिली हैं, जिसकी जांच चल रही है।
सरकार ने संकट से निपटने के लिए क्या कदम उठाए हैं
दिल्ली जल बोर्ड (DJB) की कमान अब डॉ. सज्जन सिंह यादव को सौंपी गई है, जिन्हें नया CEO नियुक्त किया गया है। जल मंत्री आतिशी ने मुख्य सचिव को निर्देश दिया है कि पाइपलाइनों के रिसाव की निगरानी की जाए और किसी भी लीकेज को 12 घंटे के भीतर ठीक किया जाए। मुख्यमंत्री रेखा गुप्ता ने बताया कि हरियाणा सरकार ने मुनक नहर से न्यूनतम 1,000 क्यूसेक पानी देने का भरोसा दिया है। इसके अलावा, लोगों तक पानी पहुँचाने के लिए 980 से अधिक टैंकर रोजाना 6,000 ट्रिप कर रहे हैं।
भविष्य के लिए क्या है दिल्ली जल बोर्ड की योजना
पानी की बर्बादी रोकने के लिए DJB अब डबल पाइपलाइन सिस्टम पर काम कर रहा है। इस सिस्टम में पीने और नहाने के लिए अलग लाइन होगी, जबकि कपड़े धोने और टॉयलेट के लिए ट्रीटेड पानी की सप्लाई की जाएगी। इस व्यवस्था को फिलहाल द्वारका और नरेला के नए DDA फ्लैटों में लागू करने पर विचार हो रहा है। साथ ही, यमुना खादर क्षेत्र में नए बोरवेल लगाकर जल उत्पादन क्षमता को 10.5 MGD तक बढ़ाया गया है।
Frequently Asked Questions (FAQs)
दिल्ली में पानी की कमी का मुख्य कारण क्या है
यमुना नदी का जलस्तर पिछले दो हफ्तों से काफी नीचे है, जिससे शहर को प्रतिदिन 80 से 90 मिलियन गैलन पानी कम मिल रहा है। भीषण गर्मी और लीकेज भी इसकी बड़ी वजह रहे हैं।
डबल पाइपलाइन सिस्टम क्या है
यह एक ऐसी व्यवस्था है जिसमें पीने और नहाने के लिए अलग पाइपलाइन होगी और कपड़े धोने या शौचालय के उपयोग के लिए अलग लाइन से ट्रीटेड पानी की सप्लाई की जाएगी।