Delhi: राजधानी दिल्ली में भीषण गर्मी के बीच पानी की भारी किल्लत हो गई है। जल मंत्री Parvesh Verma के मुताबिक यह समस्या पूरी दिल्ली में नहीं बल्कि केवल 12-13 विधानसभा क्षेत्रों में ज्यादा है। यमुना नदी के जलस्तर में गिराव
Delhi: राजधानी दिल्ली में भीषण गर्मी के बीच पानी की भारी किल्लत हो गई है। जल मंत्री Parvesh Verma के मुताबिक यह समस्या पूरी दिल्ली में नहीं बल्कि केवल 12-13 विधानसभा क्षेत्रों में ज्यादा है। यमुना नदी के जलस्तर में गिरावट आने की वजह से पानी का उत्पादन कम हुआ है, जिससे कई इलाकों में लोगों को परेशानी हो रही है।
पानी की कमी क्यों हो रही है और क्या है मौजूदा स्थिति?
जल मंत्री Parvesh Verma ने बताया कि गर्मी के समय दिल्ली को करीब 1,250 MGD पानी की जरूरत होती है, लेकिन अभी उत्पादन केवल 900 MGD के आसपास है। Wazirabad Barrage पर यमुना का जलस्तर 674.5 फीट से गिरकर 668 फीट रह गया है। इस वजह से करीब 80-100 MGD पानी की कमी आई है। स्थिति को संभालने के लिए हरियाणा से अतिरिक्त पानी लिया जा रहा है और सूखे नदी तल से इमरजेंसी पंपिंग के जरिए 40 MGD पानी जुटाया जा रहा है।
सरकार राहत पहुँचाने के लिए क्या कदम उठा रही है?
मुख्यमंत्री Rekha Gupta ने DJB अधिकारियों के साथ बैठक कर निर्देश दिए हैं कि पानी के लीकेज को तुरंत ठीक किया जाए। वर्तमान में 980 से ज्यादा टैंकर रोजाना 6,000 से अधिक फेरे लगाकर प्रभावित इलाकों में पानी पहुँचा रहे हैं। इसके अलावा सरकार ने 560 नए बोरवेल तैयार किए हैं। हरियाणा सरकार ने भी Munak Canal के जरिए कम से कम 1,000 cusecs पानी की सप्लाई का भरोसा दिया है।
लंबे समय के लिए क्या प्लान है?
दिल्ली की पानी की पाइपलाइनों की हालत काफी खराब है। लगभग 16,000 किलोमीटर के नेटवर्क में से 5,200 किलोमीटर पाइपलाइन 30 साल से ज्यादा पुरानी है, जिससे पानी बर्बाद होता है और गंदा पानी मिलने का खतरा रहता है। सरकार अब पुरानी पाइपलाइन बदलने, रेन वाटर हार्वेस्टिंग को अनिवार्य करने और Renuka Dam जैसी बड़ी परियोजनाओं पर काम कर रही है। IIT Roorkee हरियाणा से एक समर्पित पाइपलाइन लाने की संभावनाओं की जांच कर रही है।
Frequently Asked Questions (FAQs)
दिल्ली में पानी की कमी का मुख्य कारण क्या है?
यमुना नदी के जलस्तर में गिरावट आने से Wazirabad Barrage पर पानी कम हो गया है, जिससे पानी का उत्पादन 1,250 MGD की जरूरत के मुकाबले गिरकर 900 MGD रह गया है।
सरकार पानी की किल्लत दूर करने के लिए क्या कर रही है?
सरकार ने 560 नए बोरवेल बनाए हैं, 980 टैंकरों के जरिए सप्लाई बढ़ाई है और हरियाणा से अतिरिक्त पानी लेने के साथ-साथ पुरानी पाइपलाइनों को बदलने की योजना बनाई है।