Delhi: राजधानी में पानी की बढ़ती समस्या को देखते हुए जलमंत्री प्रवेश वर्मा ने एक बड़ा एक्शन प्लान तैयार किया है। 2 जून 2026 को एक प्रेस कॉन्फ्रेंस के दौरान उन्होंने बताया कि सरकार पानी की बर्बादी रोकने और सप्लाई बढ़ाने क
Delhi: राजधानी में पानी की बढ़ती समस्या को देखते हुए जलमंत्री प्रवेश वर्मा ने एक बड़ा एक्शन प्लान तैयार किया है। 2 जून 2026 को एक प्रेस कॉन्फ्रेंस के दौरान उन्होंने बताया कि सरकार पानी की बर्बादी रोकने और सप्लाई बढ़ाने के लिए कई कदम उठा रही है। इस योजना का मुख्य मकसद दिल्ली के लोगों तक 24 घंटे पानी पहुंचाना और लीकेज को कम करना है।
पानी की कमी को दूर करने के लिए क्या कदम उठाए जा रहे हैं?
सरकार ने शहर में पानी की सप्लाई सुधारने के लिए कई जरूरी काम शुरू किए हैं। दिल्ली में 1250 MGD पानी की जरूरत है, लेकिन अभी क्षमता 1000 MGD ही है। इस अंतर को भरने के लिए पिछले साल 560 नए बोरवेल लगाए गए और पानी के टैंकरों की संख्या दोगुनी कर दी गई है। साथ ही, यमुना में कम जलस्तर की वजह से अब DSB नहर से पानी वजीराबाद की तरफ मोड़ा गया है ताकि सप्लाई बनी रहे।
पुरानी पाइपलाइन और Dual Piping System से कैसे होगा फायदा?
दिल्ली की करीब 5,500 किलोमीटर पाइपलाइन 30 साल से ज्यादा पुरानी हो चुकी है, जिससे बहुत पानी बर्बाद होता है। इसे बदलने के लिए IIT Roorkee की रिपोर्ट का इंतजार है, जिसके बाद टेंडर प्रक्रिया शुरू होगी। इसके अलावा, सरकार ‘दोहरी पाइपिंग प्रणाली’ (Dual Piping System) लाएगी। इसमें पीने के पानी के अलावा एक अलग पाइपलाइन होगी जिससे ट्रीटेड पानी आएगा, जिसका इस्तेमाल शौचालय और गाड़ियां धोने में होगा। इसे पहले सरकारी दफ्तरों और फिर कॉलोनियों में लगाया जाएगा।
बजट और भविष्य की योजनाएं क्या हैं?
जल क्षेत्र में सुधार के लिए सरकार ने करीब 2900 करोड़ रुपये की परियोजनाएं शुरू की हैं। भविष्य के लिए रेणुका बांध परियोजना पर काम चल रहा है, जिससे 2032 तक दिल्ली को अतिरिक्त पानी मिलने की उम्मीद है। इसके अलावा, सीवेज ट्रीटमेंट प्लांट (STP) के जरिए रोजाना 800 MGD पानी को रीसायकल करने का लक्ष्य रखा गया है ताकि पानी की कमी को स्थायी रूप से दूर किया जा सके।
Frequently Asked Questions (FAQs)
Dual Piping System क्या है और इससे क्या फायदा होगा?
इस सिस्टम में दो अलग पाइपलाइन होंगी। एक से पीने का पानी आएगा और दूसरी से उपचारित (Treated) अपशिष्ट जल। इसका उपयोग शौचालय फ्लशिंग और वाहन धोने जैसे कामों में होगा, जिससे पीने योग्य पानी की बचत होगी और उपभोक्ताओं को बिल में लाभ मिलेगा।
दिल्ली में पानी की वर्तमान स्थिति और कमी का मुख्य कारण क्या है?
दिल्ली को 1250 MGD पानी चाहिए लेकिन सप्लाई 1000 MGD है। वजीराबाद प्लांट पर यमुना का जलस्तर सामान्य से 5.5 फीट कम है, जिससे पानी की मात्रा 200 क्यूसेक से घटकर 75 क्यूसेक रह गई है।