Delhi: वजीराबाद इलाके के मिलन विहार में एक दर्दनाक हादसा हुआ है। यहां एक प्राइवेट स्विमिंग पूल में नहाने गए छठी कक्षा के 10 वर्षीय छात्र संस्कार की डूबने से मौत हो गई। यह घटना 17 मई, 2026 की सुबह की है, जिसने इलाके के लो
Delhi: वजीराबाद इलाके के मिलन विहार में एक दर्दनाक हादसा हुआ है। यहां एक प्राइवेट स्विमिंग पूल में नहाने गए छठी कक्षा के 10 वर्षीय छात्र संस्कार की डूबने से मौत हो गई। यह घटना 17 मई, 2026 की सुबह की है, जिसने इलाके के लोगों और परिजनों को सदमे में डाल दिया है।
कैसे हुआ हादसा और क्या हैं परिजनों के आरोप
परिजनों का कहना है कि जिस पूल में संस्कार गया था, वह पूरी तरह अवैध तरीके से चलाया जा रहा था। उनके मुताबिक, वहां सुरक्षा के कोई इंतजाम नहीं थे और न ही कोई लाइफ गार्ड मौजूद था। बच्चे की सुरक्षा के लिए जरूरी लाइफ जैकेट जैसी सुविधाएं भी वहां नहीं मिल रही थीं, जिसके कारण यह हादसा हुआ।
पुलिस जांच में क्या खुला
वजीराबाद पुलिस ने शव को पोस्टमार्टम के लिए भेज दिया है और मामले की गहराई से जांच शुरू कर दी है। शुरुआती जांच में यह बात सामने आई है कि यह स्विमिंग पूल बिना किसी कानूनी अनुमति के चल रहा था। पूल संचालक लोगों से प्रति घंटे 100 से 300 रुपये तक का शुल्क ले रहा था। पुलिस अब सीसीटीवी फुटेज खंगाल रही है ताकि घटना की पूरी सच्चाई सामने आ सके।
स्विमिंग पूल के लिए क्या हैं नियम
भारत में स्विमिंग पूल के लिए BIS IS 16508:2017 कोड लागू है। इसके तहत पूल के चारों ओर कम से कम 4 फीट ऊंची बाड़, गहराई बताने वाले चेतावनी संकेत और लाइफबॉय व फर्स्ट-एड किट जैसे उपकरण होना अनिवार्य है। साथ ही, सार्वजनिक पूलों में प्रमाणित लाइफगार्ड का होना जरूरी है ताकि किसी भी आपात स्थिति में जान बचाई जा सके।
Frequently Asked Questions (FAQs)
वजीराबाद हादसे में बच्चे की मौत कैसे हुई
10 वर्षीय संस्कार मिलन विहार के एक निजी स्विमिंग पूल में नहाने गया था, जहां डूबने की वजह से उसकी मौत हो गई। परिजनों का आरोप है कि पूल में सुरक्षा इंतजाम और लाइफगार्ड नहीं थे।
क्या वह स्विमिंग पूल कानूनी रूप से मान्य था
पुलिस की शुरुआती जांच के अनुसार, वह स्विमिंग पूल बिना किसी अनुमति के अवैध तरीके से संचालित हो रहा था और वहां प्रति घंटे 100 से 300 रुपये फीस ली जा रही थी।