Delhi: राष्ट्रीय राजधानी दिल्ली के निवासियों के लिए वोटर लिस्ट में नाम जुड़वाने और सुधार करवाने का बड़ा मौका आने वाला है। चुनाव आयोग ने स्पेशल इंटेंसिव रिवीजन (SIR) की तारीखों का ऐलान कर दिया है। यह प्रक्रिया 30 जून से श
Delhi: राष्ट्रीय राजधानी दिल्ली के निवासियों के लिए वोटर लिस्ट में नाम जुड़वाने और सुधार करवाने का बड़ा मौका आने वाला है। चुनाव आयोग ने स्पेशल इंटेंसिव रिवीजन (SIR) की तारीखों का ऐलान कर दिया है। यह प्रक्रिया 30 जून से शुरू होगी और 7 अक्टूबर 2026 को अंतिम वोटर लिस्ट जारी की जाएगी। इसका मकसद यह है कि कोई भी योग्य नागरिक वोट देने से न छूटे।
वोटर लिस्ट रिवीजन की जरूरी तारीखें क्या हैं
इस पूरे अभियान के लिए एक पूरा शेड्यूल तैयार किया गया है। 20 जून से 29 जून तक तैयारी और ट्रेनिंग का काम चलेगा। इसके बाद 30 जून से 29 जुलाई तक BLOs घर-घर जाकर सर्वे करेंगे। 5 अगस्त को मसौदा वोटर लिस्ट जारी होगी, जिस पर 4 सितंबर तक आप अपनी आपत्ति या दावे दर्ज करा सकते हैं। सभी शिकायतों के निपटारे के बाद 7 अक्टूबर को फाइनल लिस्ट प्रकाशित होगी।
आम जनता के लिए क्या नियम और सुविधाएं होंगी
इस बार 13,000 से ज्यादा BLOs घर-घर जाएंगे और मतदाताओं को दो फॉर्म देंगे, जिनमें से एक भरकर वापस करना होगा। जो लोग ऑनलाइन फॉर्म भरना चाहते हैं, उनके लिए भी सुविधा उपलब्ध रहेगी। खास बात यह है कि फॉर्म के साथ कोई अलग से दस्तावेज देने की जरूरत नहीं है। साथ ही, अब एक पोलिंग बूथ पर मतदाताओं की संख्या 1500 से घटाकर 1200 कर दी गई है ताकि वोट डालने में आसानी हो।
कौन लोग इस रिवीजन का हिस्सा बन सकते हैं
यह अभ्यास उन सभी लोगों के लिए है जिनकी उम्र 1 अक्टूबर 2026 तक 18 वर्ष या उससे ज्यादा होगी। जो लोग 2002 से पहले से दिल्ली में रह रहे हैं, वे CEO दिल्ली की वेबसाइट पर जाकर अपना नाम चेक कर सकते हैं। वहीं 2002 के बाद दिल्ली आने वाले लोग ECI पोर्टल के जरिए अपनी जानकारी ले सकते हैं। मुख्य निर्वाचन अधिकारी अशोक कुमार ने बताया कि पूरी प्रक्रिया पारदर्शी होगी और इसमें राजनीतिक दलों की भी भागीदारी रहेगी।
Frequently Asked Questions (FAQs)
वोटर लिस्ट में नाम जुड़वाने के लिए BLO कब आएंगे?
बूथ लेवल अधिकारी (BLOs) 30 जून 2026 से 29 जुलाई 2026 तक घर-घर जाकर सर्वे करेंगे और फॉर्म उपलब्ध कराएंगे।
क्या वोटर फॉर्म के साथ कोई डॉक्यूमेंट देना जरूरी है?
नहीं, आधिकारिक जानकारी के अनुसार जनगणना प्रपत्र (census form) के साथ कोई अलग दस्तावेज जमा करने की आवश्यकता नहीं है।