Delhi: विकासपुरी के निवासियों को फुटपाथ पर अवैध कब्जे से काफी परेशानी हो रही थी। दिल्ली हाई कोर्ट के हस्तक्षेप के बाद अब MCD, PWD और दिल्ली जल बोर्ड ने संयुक्त रूप से इलाके का निरीक्षण किया है। स्थानीय लोग पिछले सात सालो
Delhi: विकासपुरी के निवासियों को फुटपाथ पर अवैध कब्जे से काफी परेशानी हो रही थी। दिल्ली हाई कोर्ट के हस्तक्षेप के बाद अब MCD, PWD और दिल्ली जल बोर्ड ने संयुक्त रूप से इलाके का निरीक्षण किया है। स्थानीय लोग पिछले सात सालों से इस समस्या की शिकायत कर रहे थे, लेकिन कोर्ट के आदेश के बाद ही प्रशासन ने एक्शन लिया।
फुटपाथ पर कब्जे से क्या समस्याएं हो रही हैं?
निरीक्षण में पाया गया कि सेंट सेसिलिया स्कूल और F-ब्लॉक DDA मार्केट के सामने वाले हिस्से में भारी अतिक्रमण है। साल 2002 में जिस जगह पर सिर्फ एक कियोस्क था, वहां अब 25 से ज्यादा कियोस्क और फूड कार्ट लग गए हैं। इस वजह से पैदल चलने वालों को काफी दिक्कत होती है और सुरक्षा का खतरा बना रहता है।
नालियों की सफाई और ग्राउंड वाटर का क्या हाल है?
जांच टीम ने पाया कि फुटपाथ के नीचे से गुजरने वाली नालियों के मैनहोल कियोस्क के नीचे दब गए हैं, जिससे नालियां चोक हो गई हैं। इसकी वजह से इलाके में बदबू फैल रही है और मच्छरों का प्रकोप बढ़ गया है। साथ ही, सरकारी जमीन पर एक चालू ट्यूबवेल भी मिला है, जो नियमों के खिलाफ भूजल का दोहन कर रहा है।
प्रशासन और याचिकाकर्ताओं का क्या कहना है?
याचिकाकर्ता पारस त्यागी ने बताया कि जिस बात को नगर निगम सालों तक नहीं माना, उसे हाई कोर्ट के आदेश के बाद कुछ ही हफ्तों में स्वीकार कर लिया गया। इस मामले में PWD, DJB और MCD से उनके अगले कदम के बारे में सवाल पूछे गए थे, लेकिन अभी तक उनकी तरफ से कोई जवाब नहीं आया है।
Frequently Asked Questions (FAQs)
विकासपुरी में अतिक्रमण की समस्या कितनी पुरानी है?
स्थानीय निवासी पिछले सात सालों से इसकी शिकायत कर रहे थे, जबकि यह समस्या 2002 में एक कियोस्क से शुरू हुई थी जो अब 25 से ज्यादा कियोस्क में बदल चुकी है।
हाई कोर्ट के आदेश के बाद किन एजेंसियों ने जांच की?
दिल्ली हाई कोर्ट के आदेश पर MCD (नगर निगम), PWD और DJB (दिल्ली जल बोर्ड) की संयुक्त टीम ने मौके पर जाकर निरीक्षण किया।