Delhi: राजधानी दिल्ली की यमुना नदी को साफ करने के लिए लगाए गए UV (अल्ट्रावॉयलेट) सिस्टम काम नहीं कर रहे हैं। Delhi Pollution Control Committee (DPCC) ने National Green Tribunal (NGT) को बताया कि इन मशीनों से पानी का प्रद
Delhi: राजधानी दिल्ली की यमुना नदी को साफ करने के लिए लगाए गए UV (अल्ट्रावॉयलेट) सिस्टम काम नहीं कर रहे हैं। Delhi Pollution Control Committee (DPCC) ने National Green Tribunal (NGT) को बताया कि इन मशीनों से पानी का प्रदूषण कम नहीं हो रहा है। इस लापरवाही की वजह से दिल्ली जल बोर्ड (DJB) और कई प्लांट चलाने वालों पर भारी जुर्माना लगाया गया है।
UV सिस्टम क्यों नहीं कर पा रहे काम और क्या है असर
DPCC ने कोर्ट को जानकारी दी कि कई STPs के आउटलेट पर ‘फेकल कोलीफॉर्म’ (मल से पैदा होने वाले बैक्टीरिया) की मात्रा बहुत ज्यादा है। इसका मतलब है कि UV सिस्टम पानी को ठीक से साफ नहीं कर पा रहे हैं। यमुना एक्टिविस्ट पंकज कुमार ने बताया कि इस तरह का गंदा पानी फूड चेन के लिए बड़ा खतरा बन सकता है, जिससे आम लोगों की सेहत पर बुरा असर पड़ेगा।
DJB और STP ऑपरेटर्स पर कितना जुर्माना लगा
नियमों का पालन न करने और पानी की क्वालिटी खराब होने की वजह से DPCC ने सख्त कदम उठाए हैं। 13 अप्रैल 2026 को दिल्ली जल बोर्ड और 15 STP ऑपरेटर्स पर कुल 2.89 करोड़ रुपये का पर्यावरण मुआवजा (Environmental Compensation) लगाने का आदेश दिया गया। यह जुर्माना जुलाई से अक्टूबर 2025 के बीच तय मानकों को पूरा न करने के कारण लगाया गया है।
कितने प्लांट फेल हुए और क्या कह रही है रिपोर्ट
मई 2026 की एक रिपोर्ट के मुताबिक, दिल्ली के 37 STPs में से 9 प्लांट या तो बंद थे या फिर CPCB के मानकों पर खरे नहीं उतरे। वहीं, एक RTI से पता चला कि जून 2025 में CPCB की जांच के दौरान सभी 37 DJB प्लांट फेल हो गए थे, जिनमें से 36 में बैक्टीरिया का लेवल तय सीमा से कहीं ज्यादा पाया गया। NGT ने अब IIT Delhi को इस टेक्नोलॉजी की जांच करने की जिम्मेदारी सौंपी है।
Frequently Asked Questions (FAQs)
दिल्ली के STPs में किस तरह का प्रदूषण पाया गया है?
DPCC और CPCB की जांच में पानी में फेकल कोलीफॉर्म (Faecal Coliform) का स्तर तय मानक 230 MPN/100 ml से काफी ज्यादा पाया गया है, जो खराब डिस्इन्फेक्शन को दर्शाता है।
दिल्ली जल बोर्ड पर जुर्माना क्यों लगाया गया?
जुलाई से अक्टूबर 2025 के बीच effluent discharge मानकों को पूरा न करने के कारण DJB और 15 अन्य STP ऑपरेटर्स पर 2.89 करोड़ रुपये का जुर्माना लगाया गया है।