Delhi, UP और Rajasthan समेत कई राज्यों में बदलेगा मौसम, IMD ने जारी किया बारिश का अपडेट
Delhi/UP/Rajasthan: उत्तर भारत के कई राज्यों में मौसम का मिजाज बदलने वाला है। IMD ने दिल्ली, यूपी और राजस्थान समेत कई इलाकों के लिए भारी बारिश और तेज हवाओं का अपडेट जारी किया है। अगले एक हफ्ते में मानसून की चाल और तापमान
Delhi/UP/Rajasthan: उत्तर भारत के कई राज्यों में मौसम का मिजाज बदलने वाला है। IMD ने दिल्ली, यूपी और राजस्थान समेत कई इलाकों के लिए भारी बारिश और तेज हवाओं का अपडेट जारी किया है। अगले एक हफ्ते में मानसून की चाल और तापमान में बदलाव से लोगों को गर्मी से राहत मिल सकती है, लेकिन कुछ जगहों पर लू का असर अभी बना रहेगा।
दिल्ली की बात करें तो 30 जून को आसमान में बादल छाए रहेंगे। दोपहर या रात के समय हल्की बारिश और गरज-चमक के साथ तेज हवाएं चलने की संभावना है, जिनकी रफ्तार 40-50 किमी प्रति घंटा तक हो सकती है। हालांकि, 29 और 30 जून को दिल्ली में हीटवेव का असर रहेगा, लेकिन 30 जून से 2 जुलाई के बीच बारिश बढ़ने से तापमान में 4-6 डिग्री सेल्सियस की गिरावट आ सकती है। प्राइवेट फोरकास्टर Skymet के मुताबिक दिल्ली में मानसून 5 जुलाई के आसपास आ सकता है।
उत्तर प्रदेश में 30 जून को दिनभर बादल रहेंगे और लखनऊ जैसे इलाकों में रात के समय भारी गरज-चमक के साथ बारिश हो सकती है। यूपी और आसपास के क्षेत्रों में अगले दो दिनों तक लू (Heatwave) का असर बना रहेगा। पूर्वी यूपी में 30 जून से 1 जुलाई के बीच अलग-अलग जगहों पर भारी बारिश की उम्मीद है, जबकि पश्चिमी यूपी में 30 जून से 4 जुलाई तक बिजली कड़कने और तेज हवाओं के साथ बारिश हो सकती है।
राजस्थान में 30 जून को अजमेर संभाग जैसे इलाकों में दिन में धूप और रात में आसमान साफ रहेगा। मानसून के आगे बढ़ने से अगले 2-3 दिनों में दक्षिण-पूर्वी राजस्थान में बारिश की गतिविधियां बढ़ेंगी। पूर्वी राजस्थान में 28 जून से 4 जुलाई के बीच बिजली कड़कने और तेज हवाओं का दौर चलेगा, वहीं 2 जुलाई से 4 जुलाई के बीच यहां भारी बारिश होने की संभावना है। पश्चिमी राजस्थान में 30 जून तक 30-40 किमी प्रति घंटा की रफ्तार से हवाएं चल सकती हैं।
IMD के अनुसार, दक्षिण-पश्चिम मानसून अगले कुछ दिनों में गुजरात, मध्य प्रदेश, छत्तीसगढ़, झारखंड, बिहार और उत्तराखंड के कुछ हिस्सों में आगे बढ़ेगा। साल 2026 के लिए मानसून की कुल बारिश सामान्य से कम यानी लॉन्ग पीरियड एवरेज के 90% रहने का अनुमान है, जिसका मुख्य कारण एल नीनो (El Niño) का प्रभाव है।