Delhi: दिल्ली, उत्तर प्रदेश और बिहार समेत देश के 17 राज्यों में मौसम का मिजाज बदलने वाला है। भारतीय मौसम विज्ञान विभाग (IMD) ने भारी बारिश, ओलावृष्टि और तेज आंधी की चेतावनी जारी की है। केरल में मानसून की दस्तक में थोड़ी
Delhi: दिल्ली, उत्तर प्रदेश और बिहार समेत देश के 17 राज्यों में मौसम का मिजाज बदलने वाला है। भारतीय मौसम विज्ञान विभाग (IMD) ने भारी बारिश, ओलावृष्टि और तेज आंधी की चेतावनी जारी की है। केरल में मानसून की दस्तक में थोड़ी देरी हुई है, लेकिन अब अगले 2-3 दिनों में इसके पहुंचने की संभावना है। दिल्ली-एनसीआर में भी आने वाले दिनों में बारिश का दौर जारी रहेगा जिससे लोगों को भीषण गर्मी से छुटकारा मिलेगा।
दिल्ली में मानसून कब आएगा और क्या होगा असर?
IMD के मुताबिक दिल्ली में मानसून 25 से 30 जून के बीच पहुंच सकता है। हालांकि, मानसून के आने से पहले प्री-मानसून बारिश और हल्की फुहारें पड़ेंगी। 1 जून से अगले चार दिनों तक दिल्ली-एनसीआर में बारिश और आंधी का दौर चलेगा। 2 जून को बादल छाए रहेंगे और हल्की बारिश हो सकती है, जबकि 3 जून से एक नया पश्चिमी विक्षोभ सक्रिय होने की उम्मीद है। अगले एक हफ्ते तक अधिकतम तापमान 40 डिग्री सेल्सियस से नीचे रहने का अनुमान है।
किन राज्यों में जारी हुआ अलर्ट और कितनी होगी हवा की रफ्तार?
मौसम विभाग ने दिल्ली, यूपी और बिहार सहित 17 राज्यों में भारी बारिश और तूफान का अलर्ट दिया है। उत्तर-पश्चिम, मध्य और पूर्वी भारत के कई हिस्सों में 50 से 70 किमी/घंटा की रफ्तार से हवाएं चल सकती हैं। कुछ इलाकों में हवा की रफ्तार 80 से 90 किलोमीटर प्रति घंटे तक पहुंच सकती है, जिससे गंभीर तूफान और ओलावृष्टि की आशंका है।
केरल में मानसून की देरी का क्या है कारण?
केरल में मानसून के आगमन में देरी का मुख्य कारण अल-नीनो की स्थिति का उभरना है। पहले मानसून के 26 या 29 मई तक पहुंचने का अनुमान था, लेकिन अब नई संभावित तारीख 2 से 4 जून बताई गई है। अल-नीनो के कारण अक्सर मानसून के दौरान बारिश कम होती है, हालांकि कुछ अन्य कारकों की वजह से सामान्य मानसून की उम्मीद भी जताई गई है।
Frequently Asked Questions (FAQs)
दिल्ली में मानसून कब तक दस्तक देगा?
भारतीय मौसम विज्ञान विभाग के अनुसार दिल्ली में मानसून का सामान्य आगमन 25 से 30 जून के बीच होने का अनुमान है।
केरल में मानसून आने में देरी क्यों हुई?
केरल में मानसून की देरी का मुख्य कारण अल-नीनो का प्रभाव है, जिसके कारण अब इसकी संभावित तारीख 2 से 4 जून के बीच बताई जा रही है।