Delhi University की मीटिंग में हंगामा, CJP विरोध प्रदर्शन पर यूनिवर्सिटी के X पोस्ट का हुआ विरोध

Delhi: दिल्ली यूनिवर्सिटी (DU) की एकेडमिक काउंसिल की बैठक में शुक्रवार, 26 जुलाई 2026 को भारी हंगामा हुआ। यह विवाद यूनिवर्सिटी के आधिकारिक X (ट्विटर) हैंडल पर किए गए एक पोस्ट को लेकर शुरू हुआ, जिसमें छात्रों को Cockroach

Delhi: दिल्ली यूनिवर्सिटी (DU) की एकेडमिक काउंसिल की बैठक में शुक्रवार, 26 जुलाई 2026 को भारी हंगामा हुआ। यह विवाद यूनिवर्सिटी के आधिकारिक X (ट्विटर) हैंडल पर किए गए एक पोस्ट को लेकर शुरू हुआ, जिसमें छात्रों को Cockroach Janta Party (CJP) के विरोध प्रदर्शनों से दूर रहने की सलाह दी गई थी। काउंसिल के निर्वाचित सदस्यों ने इस पोस्ट को पक्षपाती और प्रशासन का जरूरत से ज्यादा हस्तक्षेप बताते हुए इसे वापस लेने की मांग की और कुलपति योगेश सिंह को आपत्ति नोट सौंपा।

यूनिवर्सिटी ने अपने पोस्ट में छात्रों की सुरक्षा और पढ़ाई का हवाला देते हुए कहा था कि छात्रों को ‘राजनीतिक उपकरण’ नहीं बनना चाहिए। इसके बाद DU ने एक एडवाइजरी जारी कर छात्रों और फैकल्टी को जंतर-मंतर पर होने वाले प्रदर्शनों से दूर रहने को कहा। प्रशासन ने चेतावनी दी कि ऐसे प्रदर्शनों में शामिल होने पर कानूनी और अनुशासनात्मक कार्रवाई हो सकती है, साथ ही सोशल मीडिया पर फैल रही भ्रामक खबरों से बचने की सलाह दी।

यह मामला सिर्फ DU तक सीमित नहीं रहा। जवाहरलाल नेहरू यूनिवर्सिटी (JNU) और जामिया मिलिया इस्लामिया (JMI) ने भी अपने छात्रों को जंतर-मंतर के प्रदर्शनों से दूर रहने और जिम्मेदारी से सोशल मीडिया का इस्तेमाल करने की सलाह दी। इससे पहले Association of Indian Universities (AIU) ने भी देश की करीब 1,170 यूनिवर्सिटीज के कुलपतियों को पत्र लिखकर छात्रों को ऐसे प्रदर्शनों के खिलाफ काउंसिल करने को कहा था।

इस बीच, CJP के प्रतिनिधि सौरव दास और आशुतोष रंका ने केंद्रीय मंत्री जेपी नड्डा और डॉ. जितेंद्र सिंह के साथ बातचीत की। हालांकि, CJP ने साफ कर दिया कि केंद्रीय शिक्षा मंत्री धर्मेंद्र प्रधान के इस्तीफे की उनकी मांग पर कोई समझौता नहीं होगा। दूसरी तरफ, प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने भरोसा दिलाया कि छात्रों के हितों की रक्षा होगी और पेपर लीक मामले में शामिल लोगों पर कड़ी कार्रवाई की जाएगी। कांग्रेस सांसद राहुल गांधी ने यूनिवर्सिटी की इन एडवाइजरी की आलोचना करते हुए इसे छात्रों के लोकतांत्रिक अधिकारों को दबाने की कोशिश बताया है।

यूनिवर्सिटी के भीतर भी अलग-अलग प्रतिक्रियाएं दिखीं। साउथ कैंपस की डायरेक्टर रजनी अब्बी ने कहा कि यूनिवर्सिटी नहीं चाहती कि छात्र राजनीतिक मोहरा बनें। अदिति महाविद्यालय की एक्टिंग प्रिंसिपल नीलम राठी ने छात्रों से शांतिपूर्ण और कानूनी तरीके से अपनी बात रखने की अपील की। वहीं, कुछ कॉलेजों जैसे श्याम लाल कॉलेज और शहीद भगत सिंह कॉलेज ने मंत्री धर्मेंद्र प्रधान का समर्थन किया, जबकि राजधानी कॉलेज ने अपना ऐसा ही एक पोस्ट हटाकर माफी मांगी है।