Delhi: केंद्र सरकार ने दिल्ली की 1,511 अनधिकृत कॉलोनियों को नियमित करने का बड़ा फैसला लिया है। इस कदम से करीब 45 लाख लोगों को अपने घर का कानूनी मालिकाना हक मिलेगा। सरकार ने साफ कर दिया है कि 6 अप्रैल 2026 के बाद किया गया
Delhi: केंद्र सरकार ने दिल्ली की 1,511 अनधिकृत कॉलोनियों को नियमित करने का बड़ा फैसला लिया है। इस कदम से करीब 45 लाख लोगों को अपने घर का कानूनी मालिकाना हक मिलेगा। सरकार ने साफ कर दिया है कि 6 अप्रैल 2026 के बाद किया गया कोई भी नया निर्माण नियमितीकरण में रुकावट बनेगा, जिसकी निगरानी ड्रोन के जरिए की जाएगी।
आवेदन कैसे करें और क्या हैं जरूरी तारीखें?
मालिकाना हक के लिए आवेदन की प्रक्रिया 24 अप्रैल 2026 से शुरू होगी। लोग MCD के स्वागम (SWAGAM) पोर्टल mcdonline.nic.in/swagam पर जाकर अप्लाई कर सकते हैं। जिन लोगों के पास पहले से कन्वेयन्स डीड या ऑथराइजेशन स्लिप है, वे भी आवेदन कर पाएंगे। आवेदन के बाद 7 दिनों में GIS सर्वे होगा और 45 दिनों के भीतर हस्तांतरण विलेख जारी करने का लक्ष्य रखा गया है।
नियमितीकरण के क्या नियम हैं?
कॉलोनियों को ‘जैसा है, जहां है’ के आधार पर नियमित किया जाएगा। अगर कॉलोनी का लेआउट प्लान पास नहीं भी है, तो भी वह इस योजना के लिए पात्र होगी। हालांकि, कुछ शर्तें लागू होंगी:
- सड़कों के लिए जरूरी जमीन सरेंडर करनी होगी (आंतरिक सड़क 6 मीटर और पहुंच सड़क 9 मीटर)।
- तय सीमा (FAR) से ज्यादा निर्माण पर तीन गुना अतिरिक्त शुल्क देना होगा।
- 6 मीटर चौड़ी सड़क पर 20 वर्ग मीटर और उससे कम चौड़ी सड़क पर 10 वर्ग मीटर तक की दुकानों को कमर्शियल उपयोग की अनुमति मिलेगी।
सरकारी निगरानी और बजट का प्रावधान
MCD ने ड्रोन और GPS सर्वे के जरिए निर्माण कार्य की जांच शुरू कर दी है और 20 प्रतिशत काम पूरा हो चुका है। यह सर्वे समय-समय पर होगा ताकि कट-ऑफ डेट के बाद कोई नया निर्माण न हो। दिल्ली सरकार ने इन कॉलोनियों के बुनियादी ढांचे को सुधारने के लिए वित्त वर्ष 2026-27 के बजट में 800 करोड़ रुपये का विशेष प्रावधान किया है।
| महत्वपूर्ण बिंदु |
विवरण |
| कुल कॉलोनियां |
1,511 |
| लाभान्वित लोग |
लगभग 45 लाख |
| कट-ऑफ तारीख |
6 अप्रैल 2026 |
| पोर्टल का नाम |
SWAGAM (MCD) |
| बजट प्रावधान |
800 करोड़ रुपये |