Delhi: दिल्ली की अनधिकृत कॉलोनियों में रहने वाले लाखों लोगों के लिए बड़ी खुशखबरी है। 24 अप्रैल 2026 से इन कॉलोनियों में प्रॉपर्टी रजिस्ट्रेशन की प्रक्रिया शुरू हो गई है। अब लोग MCD के Swagam पोर्टल के जरिए ऑनलाइन आवेदन क
Delhi: दिल्ली की अनधिकृत कॉलोनियों में रहने वाले लाखों लोगों के लिए बड़ी खुशखबरी है। 24 अप्रैल 2026 से इन कॉलोनियों में प्रॉपर्टी रजिस्ट्रेशन की प्रक्रिया शुरू हो गई है। अब लोग MCD के Swagam पोर्टल के जरिए ऑनलाइन आवेदन कर सकते हैं, जिससे करीब 10 लाख परिवारों को अपने घर का मालिकाना हक मिल सकेगा।
रजिस्ट्रेशन की प्रक्रिया और जरूरी नियम क्या हैं?
सरकार ने इस बार नियमों को काफी आसान कर दिया है। अब 1,511 कॉलोनियों में पहले से बने मकानों के लिए लेआउट प्लान जमा करने की जरूरत नहीं होगी। लोग MCD के पैनल में शामिल किसी आर्किटेक्ट से बिल्डिंग प्लान बनवाकर जमा कर सकते हैं। इन सभी प्लॉट और इमारतों का इस्तेमाल अब रिहायशी यानी Residential माना जाएगा।
- पूरी प्रक्रिया ऑनलाइन होगी, जिसमें Swagam, PM-UDAY और NGDRS पोर्टल का इस्तेमाल होगा।
- छोटे दुकानदारों के लिए भी राहत है, 20 वर्ग मीटर तक की दुकानों को नियमित किया जा सकता है।
- रजिस्ट्रेशन के लिए लगने वाले शुल्क का भुगतान एक साल में तीन किस्तों में किया जा सकता है।
किन इलाकों को इस योजना से बाहर रखा गया है?
सभी कॉलोनियों को इस योजना में शामिल नहीं किया गया है। सुरक्षित वन क्षेत्र, यमुना के बाढ़ प्रभावित इलाके, प्रोटेक्टेड एरिया और 69 अमीर कॉलोनियों को इस लिस्ट से बाहर रखा गया है। साथ ही, भविष्य में किसी भी नए अवैध निर्माण को रोकने के लिए MCD हर दो महीने में AI ड्रोन के जरिए सर्वे कराएगी।
कितने समय में मिलेगा मालिकाना हक का दस्तावेज?
प्रशासन ने इस काम के लिए एक समय सीमा तय की है ताकि लोगों को भटकना न पड़े। अब कन्वेयेंस डीड जारी करने का काम DDA से हटाकर दिल्ली सरकार के राजस्व विभाग (Revenue Department) को दे दिया गया है। 13 जिलों में ADM के तहत विशेष सेल बनाए गए हैं।
| काम का चरण |
समय सीमा |
| GIS आधारित सर्वे |
7 दिन |
| कमियों को सुधारना |
15 दिन |
| दस्तावेज जारी करना |
45 दिन |