Delhi: दिल्ली के लाखों परिवारों के लिए बड़ी खुशखबरी है। सरकार ने 1,511 अनधिकृत कॉलोनियों को नियमित करने के नियमों में बड़ी ढील दी है। अब इन कॉलोनियों में रहने वाले लोग ‘जैसा है जहाँ है’ (as is where is) के आध
Delhi: दिल्ली के लाखों परिवारों के लिए बड़ी खुशखबरी है। सरकार ने 1,511 अनधिकृत कॉलोनियों को नियमित करने के नियमों में बड़ी ढील दी है। अब इन कॉलोनियों में रहने वाले लोग ‘जैसा है जहाँ है’ (as is where is) के आधार पर अपनी प्रॉपर्टी का मालिकाना हक ले सकेंगे। इस फैसले से करीब 45 से 50 लाख लोगों को सीधा फायदा होगा और उन्हें अपनी जमीन की रजिस्ट्री कराने में आसानी होगी।
नियमितीकरण के नए नियम क्या हैं और किसे मिलेगा फायदा
केंद्र सरकार ने अब लेआउट प्लान की अनिवार्य शर्त को हटा दिया है, जो पहले सबसे बड़ी रुकावट थी। अब आवासीय मकानों और 20 वर्ग मीटर तक की छोटी दुकानों को नियमित किया जाएगा। हालांकि, कुछ इलाकों को इस लिस्ट से बाहर रखा गया है।
- यमुना बाढ़ क्षेत्र (O-zone), फॉरेस्ट और रिज एरिया में बसी कॉलोनियां शामिल नहीं होंगी।
- 69 संपन्न (affluent) कॉलोनियां और 2019 के बाद बसी 51 कॉलोनियां इस योजना से बाहर रहेंगी।
- भविष्य में होने वाले किसी भी नए निर्माण के लिए MCD से मंजूरी लेना जरूरी होगा।
आवेदन की तारीख और पूरी प्रक्रिया क्या होगी
नियमितीकरण के लिए आवेदन की प्रक्रिया 24 अप्रैल 2026 से शुरू होगी। इसके लिए MCD के SWAGAM पोर्टल का इस्तेमाल करना होगा। आवेदन के बाद सरकार ने समय सीमा तय की है ताकि लोगों को भटकना न पड़े।
| चरण |
समय सीमा |
| GIS आधारित सर्वे |
आवेदन के 7 दिन के भीतर |
| कमियों को दूर करना |
15 दिन के भीतर |
| कन्वेयेंस डीड (रजिस्ट्री) जारी करना |
45 दिन के भीतर |
अधिकारियों और मंत्रियों ने क्या कहा
केंद्रीय मंत्री Manohar Lal ने इसे दिल्लीवासियों के लिए एक ऐतिहासिक पल बताया है। उन्होंने कहा कि इससे लोग अपनी प्रॉपर्टी का औपचारिक रजिस्ट्रेशन कराएंगे। वहीं दिल्ली की मुख्यमंत्री Rekha Gupta ने इस कदम का स्वागत करते हुए कहा कि इससे लाखों लोगों को सम्मान और अधिकार मिलेंगे। उन्होंने बताया कि कॉलोनियों के विकास के लिए बजट में भारी राशि का प्रावधान किया गया है।