Delhi: राजधानी के Tughlakabad इलाके में एक 65 साल की बुजुर्ग महिला विजय लक्ष्मी पिछले 12 सालों से बेजुबान जानवरों की सेवा कर रही हैं। वह हर दिन एक हाथगाड़ी लेकर दो किलोमीटर का सफर तय करती हैं ताकि बंदरों को पीने का पानी
Delhi: राजधानी के Tughlakabad इलाके में एक 65 साल की बुजुर्ग महिला विजय लक्ष्मी पिछले 12 सालों से बेजुबान जानवरों की सेवा कर रही हैं। वह हर दिन एक हाथगाड़ी लेकर दो किलोमीटर का सफर तय करती हैं ताकि बंदरों को पीने का पानी पिला सकें। एक सिंगल ग्रैंडमदर होने के नाते अपनी पारिवारिक जिम्मेदारियों के साथ-साथ वह इस निस्वार्थ काम को जारी रखे हुए हैं।
विजय लक्ष्मी की मेहनत और DJB से अपील
विजय लक्ष्मी अपनी उम्र और शारीरिक थकान की परवाह किए बिना रोजाना बंदरों के लिए पानी पहुंचाती हैं। अब उन्होंने Delhi Jal Board (DJB) से अपील की है कि इलाके में बंदरों के लिए पानी की कोई स्थायी व्यवस्था की जाए। उन्होंने मांग की है कि वहां एक पानी की टंकी लगाई जाए ताकि जानवरों को नियमित पानी मिल सके और उनकी दैनिक मुश्किलों में कमी आए।
स्थानीय लोगों की राय और बंदरों का मुद्दा
इलाके के स्थानीय निवासी विजय लक्ष्मी के इस प्रयास की सराहना करते हैं। लोगों का मानना है कि अगर पानी की स्थायी सुविधा हो जाती है, तो बंदर पानी की तलाश में लोगों के घरों में नहीं घुसेंगे। इससे इंसानों और जानवरों दोनों के बीच होने वाले टकराव कम होंगे।
Delhi में बंदरों के विस्थापन का सरकारी प्लान
दिल्ली सरकार और प्रशासन बंदरों की समस्या से निपटने के लिए काम कर रहा है। दिल्ली हाई कोर्ट के आदेश के बाद MCD और NDMC पिछले पांच सालों में 6,500 से ज्यादा बंदरों को Asola Bhatti वन्यजीव अभयारण्य में भेज चुके हैं। साथ ही फॉरेस्ट डिपार्टमेंट घायल बंदरों के रेस्क्यू का काम संभाल रहा है।
Frequently Asked Questions (FAQs)
विजय लक्ष्मी बंदरों के लिए पानी कैसे पहुंचाती हैं?
65 साल की विजय लक्ष्मी पिछले 12 वर्षों से एक हाथगाड़ी (handcart) का उपयोग करके रोजाना दो किलोमीटर की दूरी तय करती हैं ताकि Tughlakabad के बंदरों को पानी पिला सकें।
विजय लक्ष्मी ने Delhi Jal Board से क्या मांग की है?
उन्होंने DJB से अनुरोध किया है कि Tughlakabad क्षेत्र में बंदरों के लिए एक स्थायी पानी की टंकी लगाई जाए ताकि पानी की निरंतर आपूर्ति बनी रहे।