Delhi: राजधानी दिल्ली में 21 मई 2026 से शुरू हुई ट्रांसपोर्टरों की तीन दिवसीय हड़ताल का बड़ा असर दिख रहा है। संजय गांधी ट्रांसपोर्ट नगर जैसे बड़े हब में ट्रकों की आवाजाही पूरी तरह बंद हो गई है। इससे कश्मीर से आने वाले सा
Delhi: राजधानी दिल्ली में 21 मई 2026 से शुरू हुई ट्रांसपोर्टरों की तीन दिवसीय हड़ताल का बड़ा असर दिख रहा है। संजय गांधी ट्रांसपोर्ट नगर जैसे बड़े हब में ट्रकों की आवाजाही पूरी तरह बंद हो गई है। इससे कश्मीर से आने वाले सामान समेत फल-सब्जी और अनाज मंडियों में सप्लाई रुक गई है, जिसका सीधा असर आम जनता की जेब और जरूरतों पर पड़ सकता है।
हड़ताल क्यों हो रही है और क्या हैं मुख्य मांगें?
यह हड़ताल ऑल इंडिया मोटर ट्रांसपोर्ट कांग्रेस (AIMTC) के आह्वान पर की गई है। ट्रांसपोर्टरों का मुख्य विरोध दिल्ली सरकार द्वारा वाणिज्यिक वाहनों पर लगाए गए पर्यावरण मुआवजा उपकर (ECC) यानी ग्रीन टैक्स में बढ़ोतरी को लेकर है। सरकार ने पिछले महीने इस टैक्स में 50% से ज्यादा की वृद्धि की और इसे हर साल 5% बढ़ाने का फैसला लिया। इसके अलावा BS-4 वाहनों पर लगे प्रतिबंध का भी कड़ा विरोध हो रहा है।
टैक्स में कितनी बढ़ोतरी हुई है?
- हल्के वाणिज्यिक वाहन और दो एक्सल ट्रक: शुल्क 1,400 रुपये से बढ़ाकर 2,000 रुपये किया गया।
- भारी वाहन: शुल्क 2,600 रुपये से बढ़ाकर 4,000 रुपये कर दिया गया।
सरकार और यूनियन के बीच क्या रही बातचीत?
21 मई 2026 को दिल्ली के पर्यावरण मंत्री और परिवहन यूनियन के प्रतिनिधियों के बीच बैठक हुई, लेकिन कोई नतीजा नहीं निकला। यूनियनों ने साफ कर दिया है कि जब तक उन्हें लिखित आश्वासन नहीं मिलता, हड़ताल जारी रहेगी। BS-4 वाहनों के मुद्दे पर 22 मई को एक और बैठक होने की उम्मीद है। इस हड़ताल को चालक शक्ति यूनियन का समर्थन मिला है, हालांकि ओला और उबर जैसी ऐप-आधारित कैब सेवाएं इससे दूर रही हैं।
Frequently Asked Questions (FAQs)
दिल्ली में ट्रांसपोर्ट हड़ताल कब तक चलेगी?
यह हड़ताल 21 मई 2026 को शुरू हुई है और 23 मई 2026 तक जारी रहने की संभावना है।
हड़ताल का आम जनता पर क्या असर पड़ेगा?
सप्लाई चेन बाधित होने से फल, सब्जी और अनाज मंडियों में सामान की कमी हो सकती है, जिससे दैनिक उपयोग की चीजों के दाम बढ़ सकते हैं।