Delhi: दिल्ली ट्रैफिक पुलिस ने शहर की सड़कों को जाम मुक्त बनाने और हादसों को रोकने के लिए एक बड़ा अभियान चलाया। शनिवार को सिर्फ तीन घंटे की कार्रवाई में पुलिस ने 11,800 से ज्यादा चालान काटे। इस कार्रवाई का मुख्य मकसद गलत
Delhi: दिल्ली ट्रैफिक पुलिस ने शहर की सड़कों को जाम मुक्त बनाने और हादसों को रोकने के लिए एक बड़ा अभियान चलाया। शनिवार को सिर्फ तीन घंटे की कार्रवाई में पुलिस ने 11,800 से ज्यादा चालान काटे। इस कार्रवाई का मुख्य मकसद गलत दिशा में गाड़ी चलाने वालों और सड़क किनारे गलत तरीके से पार्किंग करने वालों पर लगाम लगाना था।
चालान और उल्लंघन के आंकड़े क्या रहे
ट्रैफिक पुलिस की इस सघन कार्रवाई में सबसे ज्यादा टारगेट गलत पार्किंग और रॉन्ग साइड ड्राइविंग को बनाया गया। आंकड़ों के मुताबिक, 3,500 से ज्यादा चालान गलत दिशा में गाड़ी चलाने के लिए काटे गए, जबकि 8,500 से अधिक चालान अनुचित पार्किंग के कारण जारी किए गए। अतिरिक्त पुलिस आयुक्त (यातायात) विजयांता गोयल आर्य ने बताया कि ऐसे उल्लंघन सार्वजनिक सुरक्षा के लिए बड़ा खतरा हैं और यह अभियान आगे भी जारी रहेगा।
अब रॉन्ग साइड ड्राइविंग पर होगी जेल और FIR
दिल्ली पुलिस ने अब नियमों को और सख्त कर दिया है। जनवरी 2026 से गलत दिशा में गाड़ी चलाने पर सिर्फ जुर्माना ही नहीं, बल्कि आपराधिक मामला (FIR) भी दर्ज किया जा रहा है। यह कार्रवाई भारतीय न्याय संहिता (BNS) 2023 की धारा 281 के तहत की जा रही है। इसके तहत लापरवाही से गाड़ी चलाने वालों को छह महीने तक की कैद या जुर्माना हो सकता है और उनका वाहन भी जब्त किया जा सकता है।
जुर्माने की नई दरें और पुलिस की कार्रवाई
नए नियमों के तहत गलत दिशा में गाड़ी चलाने पर पहली बार पकड़े जाने पर 5,000 रुपये और दोबारा गलती करने पर 10,000 रुपये का जुर्माना देना होगा। उप पुलिस आयुक्त (यातायात) निशांत गुप्ता ने जानकारी दी कि बेहतर सिग्नल मैनेजमेंट और सख्त कार्रवाई की वजह से पहली तिमाही में जाम से जुड़ी शिकायतों में करीब 27% की कमी आई है। इसके अलावा पुलिस सोशल मीडिया पर भी नजर रख रही है और नियमों का उल्लंघन करने वालों पर कार्रवाई कर रही है।
Frequently Asked Questions (FAQs)
दिल्ली में रॉन्ग साइड ड्राइविंग का जुर्माना कितना है?
पहली बार उल्लंघन करने पर 5,000 रुपये और दोबारा गलती करने पर 10,000 रुपये का जुर्माना देना होगा।
क्या गलत दिशा में गाड़ी चलाने पर जेल हो सकती है?
हाँ, BNS की धारा 281 के तहत FIR दर्ज होने पर छह महीने तक की कैद, जुर्माना या दोनों हो सकते हैं।