Delhi: राजधानी की सड़कों पर बढ़ते हादसों को रोकने के लिए दिल्ली ट्रैफिक पुलिस ने कमर कस ली है। पुलिस अब शराब पीकर गाड़ी चलाने वालों के खिलाफ ‘जीरो-टॉलरेंस’ नीति अपना रही है। हाल ही में चलाए गए एक विशेष नाइट च
Delhi: राजधानी की सड़कों पर बढ़ते हादसों को रोकने के लिए दिल्ली ट्रैफिक पुलिस ने कमर कस ली है। पुलिस अब शराब पीकर गाड़ी चलाने वालों के खिलाफ ‘जीरो-टॉलरेंस’ नीति अपना रही है। हाल ही में चलाए गए एक विशेष नाइट चेकिंग अभियान में महज तीन घंटे के भीतर 269 चालान काटे गए और 38 गाड़ियां जब्त की गईं।
ड्रंकन ड्राइव अभियान के आंकड़े क्या कहते हैं?
1 जनवरी से 19 अप्रैल 2026 के बीच पुलिस ने बड़े पैमाने पर कार्रवाई की है। इस दौरान कुल 7,478 चालकों पर मुकदमा चलाया गया, जिनमें से 6,844 लोगों के चालान काटे गए और 634 वाहनों को जब्त किया गया। सबसे ज्यादा मामले दोपहिया वाहन चलाने वालों के पाए गए हैं।
| वाहन का प्रकार |
मामलों की संख्या |
| दोपहिया वाहन (Two Wheeler) |
4,906 |
| कार (Car) |
908 |
जुर्माना और सजा के नियम क्या हैं?
नियमों के मुताबिक, खून में अल्कोहल की मात्रा 30 मिलीग्राम प्रति 100 मिलीलीटर से ज्यादा नहीं होनी चाहिए। अगर कोई इस सीमा को पार करता है, तो उस पर सख्त कार्रवाई होगी। पहली बार गलती करने पर 6 महीने की जेल या 2,000 रुपये तक का जुर्माना हो सकता है। वहीं, तीन साल के अंदर दोबारा पकड़े जाने पर 2 साल की कैद या 3,000 रुपये तक का जुर्माना लग सकता है। बार-बार नियम तोड़ने वालों का ड्राइविंग लाइसेंस भी रद्द किया जा सकता है।
पुलिस की अपील और आगे की योजना
संयुक्त पुलिस आयुक्त (ट्रैफिक) संजय त्यागी ने बताया कि सड़क सुरक्षा के लिए यह अभियान आगे भी जारी रहेगा। खास तौर पर देर रात और वीकेंड पर चेकिंग और सख्त की जाएगी। पुलिस ने लोगों से अपील की है कि वे शराब पीकर गाड़ी न चलाएं और इसकी जगह पब्लिक ट्रांसपोर्ट या किसी दूसरे ड्राइवर की मदद लें। साथ ही यह भी बताया कि ड्रंकन ड्राइव के कारण हुए हादसे में इंश्योरेंस कंपनी नुकसान की भरपाई नहीं करती है।