Delhi: दिल्ली के लाखों व्यापारियों के बीच एक बार फिर अपनी दुकानें सील होने का डर बैठ गया है। दिल्ली नगर निगम (MCD) सुप्रीम कोर्ट के आदेश पर उन रिहायशी इलाकों का सर्वे कर रहा है जहाँ कमर्शियल काम हो रहे हैं। सदर बाजार और
Delhi: दिल्ली के लाखों व्यापारियों के बीच एक बार फिर अपनी दुकानें सील होने का डर बैठ गया है। दिल्ली नगर निगम (MCD) सुप्रीम कोर्ट के आदेश पर उन रिहायशी इलाकों का सर्वे कर रहा है जहाँ कमर्शियल काम हो रहे हैं। सदर बाजार और चांदनी चौक जैसे बड़े बाजारों में पहले ही नोटिस जारी हो चुके हैं, जिससे व्यापारियों में काफी तनाव है।
सीलिंग का डर क्यों बढ़ा और क्या है MCD की कार्रवाई
MCD वर्तमान में आवासीय क्षेत्रों में चल रही व्यावसायिक गतिविधियों की जांच कर रहा है। व्यापारियों का कहना है कि पिछले 20 सालों से वे इसी डर के साए में काम कर रहे हैं, जिसका असर उनकी रोजी-रोटी पर पड़ रहा है। चैंबर ऑफ ट्रेड एंड इंडस्ट्री (CTI) और कॉन्फेडरेशन ऑफ ऑल इंडिया ट्रेडर्स (CAIT) ने सरकार से इस मामले में दखल देने की मांग की है।
मास्टर प्लान 2041 से कैसे मिलेगी राहत
व्यापारियों को उम्मीद है कि DDA का मास्टर प्लान 2041 उनके लिए समाधान लेकर आएगा। इस प्लान का मकसद शहर की आबादी, रोजगार और बुनियादी ढांचे को बेहतर बनाना है। CTI के चेयरमैन बृजेश गोयल ने कहा है कि जब तक मास्टर प्लान 2041 के जरिए आवासीय और व्यावसायिक क्षेत्रों की सीमाएं साफ नहीं हो जातीं, तब तक कोई भी दंडात्मक कार्रवाई नहीं होनी चाहिए।
व्यापारियों की मुख्य मांगें और सरकारी तैयारी
- CAIT ने केंद्र सरकार से एक ‘एमनेस्टी स्कीम’ लाने की मांग की है ताकि सीलिंग से स्थायी राहत मिले।
- मास्टर प्लान 2041 का मसौदा पहले ही मंत्रालय को भेजा जा चुका है और इसके 15 अगस्त से पहले अधिसूचित होने की संभावना है।
- केंद्रीय मंत्री मनोहर लाल ने बताया कि लैंड पूलिंग और ग्रीन डेवलपमेंट नीतियों पर तेजी से काम चल रहा है।
Frequently Asked Questions (FAQs)
दिल्ली में दुकानों की सीलिंग क्यों हो रही है?
MCD सुप्रीम कोर्ट के निर्देशों पर रिहायशी इलाकों में चल रही व्यावसायिक गतिविधियों का सर्वे कर रहा है, जिसके कारण नियमों का उल्लंघन करने वाली दुकानों पर सीलिंग की कार्रवाई हो रही है।
मास्टर प्लान 2041 व्यापारियों के लिए क्यों जरूरी है?
इस प्लान से आवासीय, व्यावसायिक और औद्योगिक क्षेत्रों के सीमांकन में स्पष्टता आएगी। व्यापारी उम्मीद कर रहे हैं कि इसके लागू होने से उन्हें सीलिंग और विध्वंस से स्थायी राहत मिलेगी।