Delhi: दिल्ली और फरीदाबाद के बीच सफर करने वाले लोगों के लिए अच्छी खबर है। दिल्ली से Sarai Khwaja तक एक नया एलिवेटेड कॉरिडोर बनाने की तैयारी चल रही है, जिसकी DPR (विस्तृत परियोजना रिपोर्ट) तैयार हो चुकी है। इस प्रोजेक्ट क
Delhi: दिल्ली और फरीदाबाद के बीच सफर करने वाले लोगों के लिए अच्छी खबर है। दिल्ली से Sarai Khwaja तक एक नया एलिवेटेड कॉरिडोर बनाने की तैयारी चल रही है, जिसकी DPR (विस्तृत परियोजना रिपोर्ट) तैयार हो चुकी है। इस प्रोजेक्ट की अनुमानित लागत करीब 800 करोड़ रुपये है, जिससे इस रूट पर लगने वाले भारी ट्रैफिक जाम से लोगों को छुटकारा मिलेगा।
प्रोजेक्ट की मौजूदा स्थिति क्या है
इस कॉरिडोर के निर्माण के लिए अब Environment and Forest विभाग से क्लीयरेंस मिलने का इंतजार है। दिल्ली सरकार का PWD इस प्रोजेक्ट पर काम कर रहा है। सरकार का लक्ष्य है कि शहर में ट्रैफिक की भीड़ कम की जाए और वाहनों से होने वाले प्रदूषण पर लगाम लगाई जा सके।
दिल्ली में अन्य सड़क प्रोजेक्ट्स की क्या है अपडेट
दिल्ली सरकार शहर के ट्रैफिक को सुधारने के लिए 100 किलोमीटर से ज्यादा के सड़क नेटवर्क पर काम कर रही है। इसके तहत 18 से ज्यादा फ्लाईओवर, अंडरपास और एलिवेटेड कॉरिडोर की योजना बनाई गई है। PWD मंत्री प्रवेश साहिब सिंह ने निर्देश दिए हैं कि सभी डिजाइन कार्य भारतीय सड़क कांग्रेस के मानकों के हिसाब से समय पर पूरे किए जाएं। कुछ बड़े कॉरिडोर को दिसंबर 2026 तक पूरा करने का लक्ष्य रखा गया है।
पर्यावरण मंजूरी क्यों है जरूरी
सड़क और फ्लाईओवर परियोजनाओं में पर्यावरण मंजूरी एक अहम कदम होता है। दिल्ली सरकार ने दक्षिणी रिज क्षेत्र के 41 वर्ग किलोमीटर को आरक्षित वन घोषित किया है, इसलिए वन क्षेत्रों में किसी भी निर्माण के लिए पर्यावरण विभाग की अनुमति जरूरी होती है। इसी तरह मुनक नहर वाले प्रोजेक्ट के लिए हरियाणा सरकार से NOC का इंतजार किया जा रहा है ताकि नहर के तटबंधों को कोई नुकसान न पहुंचे।
Frequently Asked Questions (FAQs)
दिल्ली से सराय ख्वाजा एलिवेटेड कॉरिडोर की लागत कितनी है
इस एलिवेटेड कॉरिडोर प्रोजेक्ट की अनुमानित लागत लगभग 800 करोड़ रुपये बताई जा रही है।
इस प्रोजेक्ट का काम शुरू होने में क्या देरी हो रही है
प्रोजेक्ट की DPR तैयार हो चुकी है, लेकिन अब इसे शुरू करने के लिए Environment and Forest विभाग से क्लीयरेंस मिलने का इंतजार है।