Delhi: देश की राजधानी दिल्ली के लिए एक बड़ी खबर है। दिल्ली 2026 में 47वीं World Armwrestling और 28वीं Para Armwrestling Championships की मेजबानी करेगा। यह मुकाबला 26 अक्टूबर से 7 नवंबर 2026 तक Leela Ambience Convention H
Delhi: देश की राजधानी दिल्ली के लिए एक बड़ी खबर है। दिल्ली 2026 में 47वीं World Armwrestling और 28वीं Para Armwrestling Championships की मेजबानी करेगा। यह मुकाबला 26 अक्टूबर से 7 नवंबर 2026 तक Leela Ambience Convention Hotel में चलेगा। भारत के लिए यह एक बड़ा मौका है क्योंकि दुनिया भर के ताकतवर खिलाड़ी अब दिल्ली में एक-दूसरे से भिड़ेंगे।
चैंपियनशिप की तारीखें और नियम क्या होंगे
यह प्रतियोगिता 26 अक्टूबर से 7 नवंबर 2026 तक चलेगी। इसमें World Armwrestling Federation (WAF) के नियमों का पालन किया जाएगा। खिलाड़ियों को वजन और हाथ (दाएं या बाएं) के हिसाब से अलग-अलग ग्रुप में बांटा जाएगा। मुकाबले के दौरान कोहनी का पैड से बाहर निकलना या ग्रिप छोड़ना फाउल माना जाएगा। खिलाड़ियों को हाथों पर किसी भी तरह का तेल या लोशन लगाने की अनुमति नहीं होगी और नाखून कटे होने चाहिए।
आयोजन को लेकर अधिकारियों ने क्या कहा
WAF के प्रेसिडेंट Assen Hadjitodorov ने कहा कि उन्हें भारत की मेजबानी और मेहमाननवाजी पर पूरा भरोसा है। वहीं, PAFI की प्रेसिडेंट Preeti Jhangiani ने इसे देश के लिए एक ऐतिहासिक पल बताया है। उनका कहना है कि दिल्ली में खिलाड़ियों को वर्ल्ड क्लास अनुभव मिलेगा। Pro Panja League के को-फाउंडर Parvinn Dabass ने बताया कि यह आयोजन भारत में इस खेल की बढ़ती लोकप्रियता का सबूत है।
तैयारियां और तकनीकी जांच
इस इवेंट के लिए WAF की टीम ने मुंबई और दिल्ली का दौरा किया था। जांच के बाद यह पाया गया कि दिल्ली में आयोजन के लिए सभी तकनीकी जरूरतें पूरी हैं। इस पूरी प्रक्रिया में Paralympic Committee of India (PCI) के अधिकारियों ने भी सहयोग किया है ताकि पैरा आर्मरेसलिंग को बेहतर तरीके से आयोजित किया जा सके।
Frequently Asked Questions (FAQs)
World Armwrestling Championship 2026 दिल्ली में कब और कहां होगी
यह चैंपियनशिप 26 अक्टूबर से 7 नवंबर 2026 तक दिल्ली के Leela Ambience Convention Hotel में आयोजित की जाएगी।
इस प्रतियोगिता के मुख्य नियम क्या हैं
मुकाबला WAF के नियमों के तहत होगा, जिसमें वजन और हाथ के आधार पर डिवीजन होंगे। हाथों पर तेल या लोशन लगाना मना है और कोहनी का पैड से बाहर निकलना फाउल माना जाएगा।