Delhi: दिल्ली की मुख्यमंत्री रेखा गुप्ता ने राजधानी को सिर्फ एक ट्रांजिट हब के बजाय एक बड़े वैश्विक पर्यटन स्थल के रूप में विकसित करने का प्लान बनाया है। सरकार चाहती है कि विदेशी पर्यटक दिल्ली को सिर्फ आने-जाने का रास्ता
Delhi: दिल्ली की मुख्यमंत्री रेखा गुप्ता ने राजधानी को सिर्फ एक ट्रांजिट हब के बजाय एक बड़े वैश्विक पर्यटन स्थल के रूप में विकसित करने का प्लान बनाया है। सरकार चाहती है कि विदेशी पर्यटक दिल्ली को सिर्फ आने-जाने का रास्ता न समझें, बल्कि यहाँ रुककर शहर की खूबसूरती और अनुभवों का आनंद लें। इसके लिए कई नई योजनाओं और समझौतों पर काम शुरू हो गया है।
पर्यटन को बढ़ावा देने के लिए क्या कदम उठाए गए हैं?
मुख्यमंत्री ने ‘डिलाइट फॉर दिल्ली समिट’ के दौरान अपना विजन रखा कि कोई भी विदेशी पर्यटक दिल्ली देखे बिना भारत से न जाए। इसके लिए DTTDC ने Agoda और MakeMyTrip जैसी बड़ी ट्रैवल वेबसाइटों के साथ हाथ मिलाया है। साथ ही, पर्यटन मंत्री कपिल मिश्रा ने फिल्म शूटिंग के लिए सिंगल-विंडो क्लीयरेंस की सुविधा देने की बात कही है ताकि फिल्म मेकर्स को आसानी हो।
पुरानी दिल्ली और कंझावला के लिए क्या है खास प्लान?
पुरानी दिल्ली (वॉलड सिटी) को अंतरराष्ट्रीय पर्यटन केंद्र बनाने के लिए एक बड़ी योजना लाई गई है। इसमें बिजली के तारों को जमीन के नीचे करना, ट्रैफिक मैनेजमेंट और मल्टी-लेवल पार्किंग बनाना शामिल है। इसके अलावा, कंझावला में 200 एकड़ जमीन पर 500 करोड़ रुपये की लागत से एक सांस्कृतिक और पर्यटन केंद्र बनाया जाएगा, जिसके लिए टेंडर प्रक्रिया शुरू हो चुकी है।
युवाओं के लिए फेलोशिप और नई यूनिट की जानकारी
सरकार ने ‘पर्यटन और विरासत फेलोशिप कार्यक्रम’ शुरू किया है। इसमें चुने गए युवाओं को दिल्ली के ऐतिहासिक स्थलों का डिजिटल प्रमोशन करने के लिए हर महीने 50,000 रुपये दिए जाएंगे। इसके साथ ही, DTTDC एक प्रोजेक्ट मैनेजमेंट यूनिट (PMU) भी बना रहा है जो बुनियादी ढांचे, निवेश और ब्रांडिंग की नीतियों पर काम करेगा।
Frequently Asked Questions (FAQs)
पुरानी दिल्ली के पुनर्विकास में क्या बदलाव होंगे?
पुरानी दिल्ली में ओवरहेड बिजली के तारों को भूमिगत किया जाएगा और यातायात को बेहतर बनाने के लिए ट्रैफिक मैनेजमेंट प्लान और मल्टी-लेवल पार्किंग बनाई जाएगी।
पर्यटन फेलोशिप प्रोग्राम में युवाओं को क्या मिलेगा?
चयनित युवाओं को दिल्ली के पर्यटन स्थलों को सोशल और डिजिटल मीडिया पर बढ़ावा देने के लिए प्रति माह 50,000 रुपये की राशि दी जाएगी।