Delhi: राजधानी दिल्ली में टीबी (TB) के खिलाफ एक बड़ा अभियान चलाया गया है। ‘TB मुक्त भारत अभियान 2.0’ के तहत स्वास्थ्य विभाग ने करीब छह हफ्तों के भीतर 12,000 से ज्यादा टीबी मरीजों की पहचान की है। यह अभियान 24
Delhi: राजधानी दिल्ली में टीबी (TB) के खिलाफ एक बड़ा अभियान चलाया गया है। ‘TB मुक्त भारत अभियान 2.0’ के तहत स्वास्थ्य विभाग ने करीब छह हफ्तों के भीतर 12,000 से ज्यादा टीबी मरीजों की पहचान की है। यह अभियान 24 मार्च से 5 मई 2026 के बीच चला, जिसमें उन लोगों को ढूंढने पर जोर दिया गया जिनमें बीमारी के लक्षण नहीं दिख रहे थे।
स्क्रीनिंग में कितने मरीज मिले और क्या हैं आंकड़े?
दिल्ली स्वास्थ्य विभाग के मुताबिक, इस अभियान के दौरान कुल 71,603 लोगों की जांच की गई, जिसमें से 12,078 लोग टीबी पॉजिटिव पाए गए। इसमें 10,755 वयस्क और 1,323 बच्चे शामिल हैं। पुरुषों में 6,360 और महिलाओं में 5,715 मामले सामने आए, जबकि तीन ट्रांसजेंडर मरीज भी मिले। खास बात यह है कि 42% मामले ‘एक्स्ट्रापल्मोनरी टीबी’ (EPTB) के थे, जो राष्ट्रीय औसत 20-24% से काफी ज्यादा है।
मरीजों की पहचान के लिए किन नई तकनीकों का इस्तेमाल हुआ?
इस बार सरकार ने पैसिव रिपोर्टिंग के बजाय घर-घर जाकर जांच करने की रणनीति अपनाई। ICMR और IIT Kanpur द्वारा विकसित हैंडहेल्ड (हथेली में आने वाली) X-ray मशीनों का इस्तेमाल किया गया, जो हल्की हैं और जिनमें रेडिएशन कम होता है। अभियान में 2,000 ऐसी AI-सक्षम मशीनें लगाई गईं, जिससे बिना लक्षण वाले मरीजों की भी जल्दी पहचान हो सकी। इसके अलावा, झुग्गी-बस्तियों और बेघर लोगों के लिए मोबाइल डायग्नोस्टिक यूनिट्स भी तैनात की गईं।
इलाज और पोषण के लिए सरकार ने क्या कदम उठाए?
स्वास्थ्य मंत्री Pankaj Singh ने कहा कि बीमारी की जल्दी पहचान से रिकवरी रेट बढ़ता है। सरकार अब टीबी मरीजों को पोषण के लिए मिलने वाली 1,000 रुपये की आर्थिक मदद 15 दिनों के भीतर देने की कोशिश कर रही है। साथ ही, विकास नगर में एक नया टीबी डायग्नोस्टिक और ट्रीटमेंट सेंटर खोला गया है, जहां NAAT टेस्ट और इलाज मुफ्त उपलब्ध है। ‘Ni-kshay Mitra’ पहल के जरिए कई वॉलंटियर्स और जन प्रतिनिधि भी मरीजों की मदद कर रहे हैं।
Frequently Asked Questions (FAQs)
दिल्ली में टीबी स्क्रीनिंग अभियान के दौरान कितने टेस्ट किए गए?
इस अभियान के तहत कुल 64,764 चेस्ट X-ray और 33,038 NAAT (मॉलिक्यूलर) टेस्ट किए गए, जिससे 12,078 मरीजों की पहचान हुई।
हैंडहेल्ड X-ray मशीनों का क्या फायदा है?
ये मशीनें हल्की और पोर्टेबल हैं, जिन्हें आसानी से बस्तियों में ले जाया जा सकता है। AI की मदद से ये मशीनें उन मरीजों को भी पकड़ लेती हैं जिनमें शुरुआती लक्षण नहीं दिखते।