Delhi में NEET पेपर लीक पर बवाल, छात्रों के समर्थन में उतरे Supreme Court के वकील, जंतर मंतर पर इंटरनेट बंद

Delhi: NEET-UG पेपर लीक और परीक्षा में गड़बड़ी को लेकर दिल्ली के जंतर मंतर पर छात्रों का प्रदर्शन जारी है। इस बीच गुरुवार, 23 जुलाई 2026 को सुप्रीम कोर्ट के करीब 650 वकीलों ने भी छात्रों के समर्थन में ‘Save Democra

Delhi: NEET-UG पेपर लीक और परीक्षा में गड़बड़ी को लेकर दिल्ली के जंतर मंतर पर छात्रों का प्रदर्शन जारी है। इस बीच गुरुवार, 23 जुलाई 2026 को सुप्रीम कोर्ट के करीब 650 वकीलों ने भी छात्रों के समर्थन में ‘Save Democracy, Save Constitution’ विरोध प्रदर्शन किया। वरिष्ठ वकील इंदिरा जयसिंग के नेतृत्व में सुप्रीम कोर्ट के लॉन में संविधान की प्रस्तावना (Preamble) पढ़ी गई और छात्रों के लिए न्याय की मांग की गई।

यह पूरा विवाद 20 जून 2026 से चल रहा है, जहां ‘Cockroach Janata Party (CJP)’ के बैनर तले छात्र NEET-UG पेपर लीक के खिलाफ प्रदर्शन कर रहे हैं। छात्रों की मांग है कि केंद्रीय शिक्षा मंत्री धर्मेंद्र प्रधान इस्तीफा दें। 20 जुलाई को जब छात्रों ने ‘चलो संसद’ मार्च निकाला, तो पुलिस ने उन पर लाठीचार्ज किया, जिसके बाद कम से कम 10 FIR दर्ज की गईं। सुप्रीम कोर्ट बार एसोसिएशन (SCBA) और SCAORA ने पुलिस की इस कार्रवाई की कड़ी निंदा की है और निष्पक्ष जांच की मांग की है।

प्रदर्शन के दौरान सुरक्षा कारणों से गृह मंत्रालय (MHA) ने 23 जुलाई को शाम 4 बजे से रात 12 बजे तक जंतर मंतर के 1.5 किलोमीटर के दायरे में मोबाइल इंटरनेट सेवाएं बंद कर दी थीं। वरिष्ठ वकील एस मुरलीधर और अभय सिंह ने कहा कि वे छात्रों के अधिकारों के लिए उनके साथ खड़े हैं। वकील चारु सिन्हा ने आरोप लगाया कि हिरासत में लिए गए छात्रों को एक थाने से दूसरे थाने भेजा जा रहा है ताकि उन्हें ढूंढा न जा सके। वहीं, वकील राघवि शुक्ला ने बताया कि 20 जुलाई से अब तक करीब 90 छात्रों को अलग-अलग थानों से छुड़ाया गया है।

दूसरी तरफ, केंद्र सरकार ने बातचीत की पेशकश की है। केंद्रीय मंत्री जितेंद्र सिंह ने कहा कि सरकार चर्चा के लिए तैयार है और छात्र प्रतिनिधियों को चार औपचारिक प्रस्ताव भेजे गए हैं। अब इस पूरे मामले पर कल, 24 जुलाई 2026 को दिल्ली हाई कोर्ट में एक जनहित याचिका (PIL) पर सुनवाई होगी, जिसमें 20 जुलाई के विरोध प्रदर्शन की NIA जांच की मांग की गई है।