Delhi: राजधानी के सुंदर नगरी इलाके में अंतरराष्ट्रीय मजदूर दिवस के मौके पर कुछ खास पेंटिंग्स (murals) बनाई गई हैं। ये पेंटिंग्स दिखाती हैं कि भीषण गर्मी का मजदूरों की जिंदगी और सेहत पर कितना बुरा असर पड़ता है। Greenpeace
Delhi: राजधानी के सुंदर नगरी इलाके में अंतरराष्ट्रीय मजदूर दिवस के मौके पर कुछ खास पेंटिंग्स (murals) बनाई गई हैं। ये पेंटिंग्स दिखाती हैं कि भीषण गर्मी का मजदूरों की जिंदगी और सेहत पर कितना बुरा असर पड़ता है। Greenpeace India ने ‘Delhi Rising’ कैंपेन के जरिए सरकार से मांग की है कि हीटवेव यानी लू को एक राष्ट्रीय आपदा (national disaster) माना जाए ताकि मजदूरों को बचाने के लिए जरूरी फंड और सुविधाएं मिल सकें।
दीवारों पर क्यों बनाई गई ये पेंटिंग्स?
ये पेंटिंग्स सुंदर नगरी के मजदूरों और स्थानीय कलाकारों की मदद से बनाई गई हैं। Greenpeace India का कहना है कि ये तस्वीरें इस बात का सबूत हैं कि गर्मी मजदूरों के लिए कितनी जानलेवा हो रही है। कैंपेन का मकसद सरकार का ध्यान इस ओर खींचना है कि जीवाश्म ईंधन (fossil fuels) के बढ़ते इस्तेमाल से तापमान बढ़ रहा है, जिसका सबसे ज्यादा असर उन लोगों पर पड़ता है जो दिनभर धूप में काम करते हैं।
सरकार और संस्थाओं ने क्या कहा है?
16वें वित्त आयोग ने सुझाव दिया है कि लू और बिजली गिरने जैसी घटनाओं को अधिसूचित आपदाओं में शामिल किया जाए, जिससे राज्य सरकारें आपदा राहत कोष (SDRF) का इस्तेमाल कर सकें। वहीं, केंद्रीय स्वास्थ्य और श्रम मंत्रालय ने राज्यों को सलाह दी है कि वे हीटस्ट्रोक मैनेजमेंट यूनिट बनाएं और मजदूरों के काम करने के समय में बदलाव करें ताकि उन्हें आराम और ठंडक मिल सके। NHRC ने भी कहा है कि गर्मी का सबसे ज्यादा असर गरीब और बेघर लोगों पर पड़ता है, इसलिए राहत उपाय बढ़ाए जाएं।
IMD की चेतावनी और हार्वर्ड की रिपोर्ट
IMD ने मई 2026 के लिए भविष्यवाणी की है कि गुजरात, महाराष्ट्र और हिमालय की तलहटी वाले इलाकों में सामान्य से ज्यादा हीटवेव वाले दिन होंगे। इसके अलावा, रात का तापमान भी बढ़ सकता है। दूसरी ओर, हार्वर्ड यूनिवर्सिटी की एक रिपोर्ट में चेतावनी दी गई है कि भारत में लगभग 38 करोड़ मजदूर गर्मी के बीच काम करते हैं और 2030 तक 20 करोड़ लोग जानलेवा गर्मी का सामना कर सकते हैं।
Frequently Asked Questions (FAQs)
हीटवेव को नेशनल डिजास्टर घोषित करने की मांग क्यों की जा रही है?
ताकि सरकार हीट एक्शन प्लान के लिए पर्याप्त फंड दे सके और लू से प्रभावित मजदूरों व गरीबों को आपदा राहत कोष (SDRF) से आर्थिक मदद और सुविधाएं मिल सकें।
श्रम मंत्रालय ने गर्मी से बचने के लिए क्या सलाह दी है?
मंत्रालय ने काम के घंटों को बदलने, मैनपावर बढ़ाकर काम का बोझ कम करने और बाहरी व फैक्ट्री वर्करों के लिए पर्याप्त आराम और कूलिंग इंतजाम करने की सलाह दी है।