Delhi में ओवरलोड वाहनों के मालिकों को बड़ी राहत, अब 90 नहीं सिर्फ 7 दिन में होगी गाड़ियों की रिहाई
Delhi: दिल्ली में ओवरलोड कमर्शियल गाड़ियां चलाने वाले मालिकों के लिए अच्छी खबर है। दिल्ली स्टेट ट्रांसपोर्ट अथॉरिटी (STA) ने नियमों में बड़ा बदलाव किया है, जिससे अब जब्त गाड़ियों को छुड़ाने की प्रक्रिया आसान हो गई है। पह
Delhi: दिल्ली में ओवरलोड कमर्शियल गाड़ियां चलाने वाले मालिकों के लिए अच्छी खबर है। दिल्ली स्टेट ट्रांसपोर्ट अथॉरिटी (STA) ने नियमों में बड़ा बदलाव किया है, जिससे अब जब्त गाड़ियों को छुड़ाने की प्रक्रिया आसान हो गई है। पहले ओवरलोडिंग के मामलों में गाड़ियां काफी समय तक जब्त रहती थीं, लेकिन अब इस समय सीमा को घटाकर सिर्फ सात दिन कर दिया गया है।
नए नियमों के मुताबिक, ओवरलोड वाणिज्यिक वाहन अब अधिकतम 7 दिन तक जब्त रहेंगे, जबकि पहले यह समय सीमा 90 दिनों तक होती थी। यह बदलाव 5 जुलाई 2026 से प्रभावी होगा। इस कदम का मुख्य मकसद ट्रांसपोर्ट सेक्टर से जुड़े लोगों को आर्थिक राहत देना और लंबित मामलों को जल्द निपटाना है।
परमिट निलंबन या रद्दीकरण जैसी लंबी प्रशासनिक प्रक्रिया से बचने के लिए अब वाहन मालिकों के पास कंपाउंडिंग फीस का विकल्प भी होगा। इसके तहत 15,000 रुपये की फीस जमा करके इस प्रक्रिया से बचा जा सकता है। शुरुआत में यह राशि 10,000 रुपये तय की गई थी, जिसे STA की बैठक में चर्चा के बाद बढ़ाकर 15,000 रुपये कर दिया गया है।
हालांकि, ओवरलोडिंग पर लगने वाला सामान्य जुर्माना पहले की तरह ही लागू रहेगा। इसमें 20,000 रुपये का बेस फाइन होगा और हर अतिरिक्त टन लोड के लिए 2,000 रुपये अलग से देने होंगे। अगर परमिट धारक कंपाउंडिंग फीस नहीं भरता है, तो गाड़ी तय सात दिनों तक जब्त रहेगी और मोटर वाहन अधिनियम के तहत परमिट निलंबन जैसी कानूनी कार्रवाई आगे बढ़ेगी।
परिवहन विभाग ने साफ किया है कि यह फैसला मोटर वाहन अधिनियम की धारा 86(5) के तहत लिया गया है। इससे दिल्ली के ट्रांसपोर्ट कारोबारियों को बड़ी राहत मिलेगी और उन्हें अपनी गाड़ियां जल्दी वापस मिल सकेंगी।