Delhi में ट्रैफिक चालान निपटाने के लिए शुरू होंगे स्पेशल वीकेंड कोर्ट, 5 जुलाई से मिलेगी सुविधा
Delhi: दिल्ली के वाहन मालिकों के लिए एक बड़ी राहत की खबर है। अब ट्रैफिक चालान के निपटारे के लिए आपको अपने काम के दिनों में छुट्टी लेकर अदालत जाने की जरूरत नहीं होगी। दिल्ली डिस्ट्रिक्ट कोर्ट और दिल्ली ट्रैफिक पुलिस ने मि
Delhi: दिल्ली के वाहन मालिकों के लिए एक बड़ी राहत की खबर है। अब ट्रैफिक चालान के निपटारे के लिए आपको अपने काम के दिनों में छुट्टी लेकर अदालत जाने की जरूरत नहीं होगी। दिल्ली डिस्ट्रिक्ट कोर्ट और दिल्ली ट्रैफिक पुलिस ने मिलकर स्पेशल वीकेंड कोर्ट शुरू करने का फैसला किया है, जो 5 जुलाई, 2026 से काम करना शुरू करेंगे।
ये स्पेशल कोर्ट हर महीने के दूसरे शनिवार और सभी रविवार को सुबह 10 बजे से शाम 4 बजे तक चलेंगे। काम को आसान बनाने के लिए इसे दो सत्रों में बांटा गया है, जिसमें पहला सत्र सुबह 10 से दोपहर 1 बजे तक और दूसरा दोपहर 2 से शाम 4 बजे तक रहेगा। यह सुविधा तीस हजारी, पटियाला हाउस, साकेत, द्वारका, रोहिणी और कड़कड़डूमा जैसे छह बड़े कोर्ट कॉम्प्लेक्स में उपलब्ध होगी। अधिकारियों के मुताबिक, दिल्ली के 11 जिला कोर्ट कॉम्प्लेक्स में कुल 22 ट्रैफिक कोर्ट बेंच बनाई जाएंगी।
इन अदालतों में केवल ‘कंपाउंडेबल’ यानी समझौता योग्य चालानों और नोटिसों की सुनवाई होगी, जिन्हें जुर्माना भरकर खत्म किया जा सकता है। गंभीर मामलों के लिए सामान्य अदालती प्रक्रिया का ही पालन करना होगा। एक गाड़ी के अधिकतम 20 योग्य चालान इन वीकेंड कोर्ट के जरिए निपटाए जा सकेंगे और एक बेंच एक बार में 700 चालानों पर सुनवाई कर सकेगी।
| विवरण | जानकारी |
|---|---|
| शुरुआत की तारीख | 5 जुलाई, 2026 |
| पोर्टल से डाउनलोड तारीख | 25 जून, 2026 |
| कार्य दिवस | दूसरे शनिवार और सभी रविवार |
| समय | सुबह 10 बजे से शाम 4 बजे तक |
| वेबसाइट | traffic.delhipolice.gov.in/evecourtddc |
| कोर्ट परिसर | तीस हजारी, पटियाला हाउस, साकेत, द्वारका, रोहिणी, कड़कड़डूमा |
वाहन मालिक 25 जून, 2026 से दिल्ली ट्रैफिक पुलिस के पोर्टल पर जाकर अपने योग्य चालान डाउनलोड कर सकेंगे। डाउनलोड करते समय उन्हें अपनी पसंद का कोर्ट परिसर, तारीख और समय का स्लॉट चुनना होगा। तय दिन पर चालान स्लिप की प्रिंटेड कॉपी न्यायाधीश के सामने पेश करनी होगी। अतिरिक्त यातायात आयुक्त आईपीएस विजयंता गोयल आर्या और प्रधान जिला एवं सत्र न्यायाधीश अंजू बजाज चांदना ने इस पहल को वाहन चालकों की सुविधा और अदालतों का बोझ कम करने वाला बताया है।