Delhi के साउथ डिस्ट्रिक्ट में पुलिस की सघन चेकिंग, संदिग्धों और गाड़ियों की हुई जांच

Delhi: राजधानी के साउथ डिस्ट्रिक्ट में सुरक्षा व्यवस्था को मजबूत करने के लिए पुलिस ने सघन चेकिंग अभियान चलाया है। जिला पुलिस ने अलग-अलग तय जगहों पर पिकेट लगाकर गाड़ियों और संदिग्ध लोगों की गहनता से जांच की। इस कार्रवाई क

Delhi: राजधानी के साउथ डिस्ट्रिक्ट में सुरक्षा व्यवस्था को मजबूत करने के लिए पुलिस ने सघन चेकिंग अभियान चलाया है। जिला पुलिस ने अलग-अलग तय जगहों पर पिकेट लगाकर गाड़ियों और संदिग्ध लोगों की गहनता से जांच की। इस कार्रवाई का मुख्य उद्देश्य अपराधों को रोकना और आम लोगों के लिए सुरक्षित माहौल तैयार करना था।

DCP South Delhi ने आधिकारिक तौर पर जानकारी साझा करते हुए बताया कि कानून व्यवस्था बनाए रखने के लिए यह कदम उठाया गया है। पुलिसकर्मी पूरी सतर्कता के साथ तैनात रहे ताकि किसी भी संदिग्ध गतिविधि पर नजर रखी जा सके।

यह चेकिंग अभियान ऐसे समय में हुआ है जब दिल्ली में सुरक्षा के कड़े इंतजाम किए गए हैं। इसी बीच, दिल्ली के उपराज्यपाल ने पुलिस कमिश्नर अनुराग कुमार को 19 जुलाई से 18 अक्टूबर 2026 तक नेशनल सिक्योरिटी एक्ट (NSA) के तहत शक्तियां इस्तेमाल करने की मंजूरी दी है। इसके जरिए सार्वजनिक सुरक्षा के लिए खतरा बनने वाले लोगों को हिरासत में लिया जा सकेगा।

दूसरी तरफ, दिल्ली पुलिस प्रशासन कुछ विवादों में भी है। दिल्ली हाई कोर्ट ने हालिया विरोध प्रदर्शनों के दौरान पुलिस द्वारा कथित तौर पर ज्यादा बल प्रयोग करने के मामले में केंद्र सरकार और दिल्ली पुलिस से जवाब मांगा है। कोर्ट ने सीसीटीवी फुटेज और बॉडी कैमरा रिकॉर्डिंग जैसे सबूतों को सुरक्षित रखने का आदेश दिया है।

इसी कड़ी में, जंतर मंतर पर कॉकरोच जनता पार्टी (CJP) के प्रदर्शन के दौरान एक महिला प्रदर्शनकारी को थप्पड़ मारने का वीडियो सामने आने के बाद Additional DCP संदीप लांबा को ड्यूटी से हटा दिया गया है। वहीं, पुलिस ने CJP प्रदर्शनों से जुड़े अज्ञात लोगों के खिलाफ सरकारी काम में बाधा डालने और दंगे जैसी गतिविधियों के आरोप में 10 FIR दर्ज की हैं। नई दिल्ली जिले के अलावा अब अन्य इलाकों में भी धारा 163 के तहत पाबंदियां बढ़ा दी गई हैं।