Delhi में झुग्गी वालों के लिए खुशखबरी, 20 लाख लोगों को मिलेंगे पक्के मकान; सरकार ने लागू की नई पुनर्वास नीति
Delhi: दिल्ली सरकार ने शहर के झुग्गी-झोपड़ी इलाकों में रहने वाले लोगों के लिए एक बड़ा फैसला लिया है। ‘दिल्ली स्लम एवं झुग्गी-झोपड़ी पुनर्वास एवं पुनर्स्थापन नीति, 2026’ को मंजूरी दे दी गई है। इस नई नीति का सब
Delhi: दिल्ली सरकार ने शहर के झुग्गी-झोपड़ी इलाकों में रहने वाले लोगों के लिए एक बड़ा फैसला लिया है। ‘दिल्ली स्लम एवं झुग्गी-झोपड़ी पुनर्वास एवं पुनर्स्थापन नीति, 2026’ को मंजूरी दे दी गई है। इस नई नीति का सबसे बड़ा मकसद ‘जहां झुग्गी, वहीं मकान’ के फार्मूले पर करीब 20 लाख लोगों को स्थायी घर देना है।
इस नीति के तहत पात्र जेजे क्लस्टर निवासियों को आधुनिक फ्लैट दिए जाएंगे। सरकार ने पात्रता के लिए कट-ऑफ तिथि 1 जनवरी, 2025 तय की है। पहले यह तारीख 1 जनवरी, 2015 थी, जिसे अब बढ़ाकर दस साल आगे कर दिया गया है ताकि ज्यादा से ज्यादा गरीब परिवार इस योजना का लाभ उठा सकें। मुख्यमंत्री रेखा गुप्ता ने डीयूएसआईबी की बैठक में इस संशोधित तारीख और नीति को मंजूरी दी।
पुनर्वास की प्रक्रिया को आसान बनाने के लिए यह तय किया गया है कि मकान या तो उसी जगह दिए जाएंगे जहां अभी झुग्गी है, या फिर वहां से अधिकतम 5 किलोमीटर के दायरे में घर मिलेंगे। इससे लोगों के काम-काज और रोजी-रोटी पर कोई असर नहीं पड़ेगा। पात्र परिवारों को 25 वर्ग मीटर के फ्लैट मिलेंगे, जिनमें बिजली, पानी और सीवरेज जैसी बुनियादी सुविधाएं मौजूद होंगी।
| विवरण | जानकारी |
|---|---|
| कुल लाभार्थी | लगभग 20 लाख लोग (4-5 लाख परिवार) |
| फ्लैट का साइज | 25 वर्ग मीटर |
| कट-ऑफ तिथि | 1 जनवरी, 2025 |
| मकान की कीमत | 1.12 लाख रुपये से 1.41 लाख रुपये तक |
| सुविधाएं | बिजली, पानी, सीवरेज, स्कूल, स्वास्थ्य केंद्र और खेल के मैदान |
केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह ने इस नीति को जल्द अधिसूचित करने की बात कही है। उन्होंने डीडीए और डीयूएसआईबी को निर्देश दिए हैं कि 45 दिनों के भीतर 5 जेजे क्लस्टरों के लिए टेंडर जारी किए जाएं। साथ ही, दिल्ली सरकार को हर महीने कम से कम पांच पीपीपी आधारित प्रोजेक्ट्स के टेंडर निकालने को कहा गया है। शहरी विकास मंत्री आशीष सूद ने कहा कि सुरक्षित घर मिलने से झुग्गी निवासियों की सामाजिक और आर्थिक स्थिति में सुधार होगा।