Delhi में वोटर लिस्ट रिवीजन को लेकर विवाद, AAP ने लगाया फॉर्म न मिलने का आरोप

Delhi: राजधानी दिल्ली में चल रहे स्पेशल इंटेंसिव रिवीजन (SIR) यानी वोटर लिस्ट के सुधार कार्य को लेकर राजनीतिक घमासान शुरू हो गया है। आम आदमी पार्टी ने चुनाव आयोग के दावों पर सवाल उठाते हुए कहा है कि दिल्ली के गांवों और अ

Delhi: राजधानी दिल्ली में चल रहे स्पेशल इंटेंसिव रिवीजन (SIR) यानी वोटर लिस्ट के सुधार कार्य को लेकर राजनीतिक घमासान शुरू हो गया है। आम आदमी पार्टी ने चुनाव आयोग के दावों पर सवाल उठाते हुए कहा है कि दिल्ली के गांवों और अनधिकृत कॉलोनियों में बड़ी संख्या में लोगों तक फॉर्म नहीं पहुंचे हैं।

AAP के दिल्ली अध्यक्ष सौरभ भारद्वाज ने सोमवार को आरोप लगाया कि करीब 50 प्रतिशत निवासियों को अभी तक गणना फॉर्म (Enumeration forms) नहीं मिले हैं। उन्होंने कहा कि चुनाव आयोग का दावा है कि 99 प्रतिशत से ज्यादा फॉर्म बांटे जा चुके हैं, लेकिन जमीनी हकीकत अलग है। भारद्वाज के मुताबिक, बीएलओ (BLO) जानबूझकर इन इलाकों में फॉर्म नहीं पहुंचा रहे हैं, जिससे एक बड़ी आबादी के वोट कटने का खतरा है।

बुराड़ी विधायक संजीव झा ने भी इन आरोपों का समर्थन किया। उन्होंने बताया कि कुछ पोलिंग बूथों पर फॉर्म जमा होने की दर बहुत कम है, जिसका सीधा असर प्रवासी मतदाताओं पर पड़ रहा है। दूसरी तरफ, चुनाव आयोग ने इस प्रक्रिया की निगरानी के लिए चार आईएएस अधिकारियों (पांडुरंग के पोल, रश्मि सिंह, यशपाल गर्ग और के महेश) को इलेक्टोरल रोल ऑब्जर्वर नियुक्त किया है ताकि सभी जिलों में काम सही से हो सके।

चुनाव आयोग के आंकड़ों के अनुसार, 26 जुलाई की रात 8 बजे तक दिल्ली में 99.86% फॉर्म बांटे जा चुके थे, जिनमें से 47.83% का डिजिटलीकरण हो चुका है। वहीं, दिल्ली बीजेपी अध्यक्ष हर्ष मल्होत्रा ने AAP और कांग्रेस पर गलत जानकारी फैलाने का आरोप लगाया और कहा कि इस प्रक्रिया का मकसद फर्जी वोटरों को हटाना और सही वोटर लिस्ट तैयार करना है।

इस पूरी प्रक्रिया की समयसीमा अब 8 अगस्त 2026 तक बढ़ा दी गई है। ड्राफ्ट वोटर लिस्ट 5 अगस्त को जारी होगी, जिसके बाद 4 सितंबर तक लोग अपनी आपत्तियां दर्ज करा सकेंगे। अंतिम वोटर लिस्ट 7 अक्टूबर 2026 को प्रकाशित होने की उम्मीद है।