Delhi में वोटर लिस्ट अपडेट का काम तेज, 33 लाख से ज्यादा फॉर्म बांटे गए, जानिए कब तक पूरी होगी प्रक्रिया

Delhi: राजधानी दिल्ली में वोटर लिस्ट को सही और अपडेट करने के लिए चुनाव आयोग ने स्पेशल इंटेंसिव रिविजन (SIR) फेज 3 का काम शुरू कर दिया है। इस अभियान के तहत बीएलओ घर-घर जाकर लोगों से मिल रहे हैं ताकि मृत, शिफ्ट हो चुके या

Delhi: राजधानी दिल्ली में वोटर लिस्ट को सही और अपडेट करने के लिए चुनाव आयोग ने स्पेशल इंटेंसिव रिविजन (SIR) फेज 3 का काम शुरू कर दिया है। इस अभियान के तहत बीएलओ घर-घर जाकर लोगों से मिल रहे हैं ताकि मृत, शिफ्ट हो चुके या फर्जी वोटरों के नाम हटाए जा सकें और नए पात्र लोगों को जोड़ा जा सके।

3 जुलाई की रात 8 बजे तक मिली रिपोर्ट के मुताबिक, दिल्ली में अब तक 33.14 लाख से ज्यादा फॉर्म बांटे जा चुके हैं। इनमें से 1.02 लाख फॉर्म्स का डिजिटलीकरण हो चुका है, जो कुल वोटरों का करीब 0.71 प्रतिशत है। अब तक दिल्ली के कुल मतदाताओं में से 22.84 प्रतिशत तक फॉर्म पहुंच चुके हैं। इस मामले में नई दिल्ली जिला सबसे आगे है, जहां 31.41 प्रतिशत फॉर्म बांटे गए हैं।

इस पूरी प्रक्रिया को पारदर्शी बनाने के लिए मुख्य निर्वाचन अधिकारी अशोक कुमार और मुख्य चुनाव आयुक्त ज्ञानेश कुमार ने लोगों से इसमें बढ़-चढ़कर हिस्सा लेने की अपील की है। दिल्ली में इस काम के लिए 13 हजार से ज्यादा बीएलओ (BLO) तैनात किए गए हैं। वोटर लिस्ट के अपडेट के लिए बीएलओ घर-घर जाकर प्री-प्रिंटेड फॉर्म दे रहे हैं। वोटरों को एक कॉपी रसीद के तौर पर मिलेगी और इस फॉर्म के साथ कोई अलग से दस्तावेज जमा करने की जरूरत नहीं है।

चुनाव आयोग ने इस पूरी प्रक्रिया के लिए एक समय सीमा तय की है। डोर-टू-डोर विजिट का काम 29 जुलाई 2026 तक चलेगा। इसके बाद 5 अगस्त 2026 को ड्राफ्ट वोटर लिस्ट जारी की जाएगी। अगर किसी को अपने नाम या पते में कोई दिक्कत लगती है, तो वह 5 अगस्त से 4 सितंबर 2026 तक अपनी शिकायत या दावा पेश कर सकता है। इन सभी शिकायतों का निपटारा 3 अक्टूबर तक किया जाएगा और फाइनल वोटर लिस्ट 7 अक्टूबर 2026 को प्रकाशित होगी।

वहीं दूसरी तरफ, ऑल इंडिया फेमिनिस्ट अलायंस (ALIFA-NAPM) ने चुनाव आयोग को एक अपील भेजी है। उन्होंने चिंता जताई है कि पिछले चरणों में महिलाओं और ट्रांसजेंडर व्यक्तियों के नाम बड़ी संख्या में हटाए गए हैं। संगठन ने मांग की है कि इस फेज में सुधार किया जाए ताकि किसी भी पात्र नागरिक का वोट न कटे।