Delhi: Shalimar Bagh के रहने वाले लोग अपने घरों को बचाने के लिए अब सड़कों पर उतर आए हैं। मकानों को गिराने के नोटिस से नाराज लोगों ने ‘Save Homes Movement Committee’ बनाई है। इन लोगों ने तय किया है कि वे सोमवा
Delhi: Shalimar Bagh के रहने वाले लोग अपने घरों को बचाने के लिए अब सड़कों पर उतर आए हैं। मकानों को गिराने के नोटिस से नाराज लोगों ने ‘Save Homes Movement Committee’ बनाई है। इन लोगों ने तय किया है कि वे सोमवार को BJP मुख्यालय जाकर वरिष्ठ नेताओं को ज्ञापन सौंपेंगे और इस कार्रवाई को रोकने की मांग करेंगे।
क्यों हो रहा है घरों को तोड़ने का विरोध
Shalimar Bagh के रोड नंबर 320 को चौड़ा करने के लिए दिल्ली हाई कोर्ट ने प्रशासन को मकान तोड़ने की इजाजत दी है। कोर्ट ने कहा है कि अस्पताल, शिक्षा और फायर सेफ्टी जैसी जरूरी सेवाओं के लिए सड़क चौड़ी करना जरूरी है। लोगों को अपने घर खाली करने के लिए 30 मई 2026 तक का समय दिया गया है। वहीं, मुख्यमंत्री Rekha Gupta ने कहा है कि यहां 140 से ज्यादा अवैध निर्माण हटाए जाएंगे क्योंकि इनसे ट्रैफिक जाम और हादसों का खतरा बढ़ता है।
विरोध प्रदर्शन में कौन-कौन शामिल है
शनिवार शाम को Shalimar Bagh के झंडा चौक पर एक बड़ी मीटिंग हुई। इसमें मुकेश कुमार पासवान और पूर्व MLA वंदना कुमारी समेत कई लोग शामिल हुए। मीटिंग में मौजूद लोगों का कहना है कि नोटिस देना गलत है और वे अपने घरों को बचाने के लिए लड़ेंगे। इस विरोध प्रदर्शन में पूनम, सीमा, शारदा दीक्षित, अनिल, गुलजार, रफी और हैदरपुर के प्रधान गोपेश्वर यादव जैसे स्थानीय लोग भी मौजूद रहे।
राजनीतिक दलों के बीच आरोप-प्रत्यारोप
इस मुद्दे पर BJP और AAP के बीच जमकर बहस चल रही है। BJP प्रवक्ता प्रवीण शंकर कपूर ने AAP की पूर्व MLA वंदना कुमारी पर खुद अतिक्रमण करने और दूसरों को बढ़ावा देने का आरोप लगाया है। दूसरी तरफ, AAP नेता आतिशी और सौरभ भारद्वाज ने इसे गरीबों के साथ धोखा बताया है। उन्होंने आरोप लगाया कि BJP सरकार उन लोगों के घर तोड़ रही है जिनके वोटों के दम पर वे सत्ता में आए हैं।
Frequently Asked Questions (FAQs)
Shalimar Bagh में घर क्यों तोड़े जा रहे हैं?
दिल्ली हाई कोर्ट के आदेशानुसार रोड नंबर 320 को चौड़ा करने के लिए 140 से ज्यादा अवैध निर्माणों को हटाने की तैयारी है।
लोगों को घर खाली करने के लिए कितना समय मिला है?
हाई कोर्ट ने प्रभावित निवासियों को अपने परिसर खाली करने के लिए 30 मई 2026 तक का समय दिया है।