Delhi के अस्पताल में सीनियर डॉक्टर की संदिग्ध मौत, ड्यूटी रूम से मिला सुसाइड नोट
Delhi: सिविल लाइंस इलाके के अरुणा आसफ अली अस्पताल में एक सीनियर रेजिडेंट डॉक्टर की मौत से हड़कंप मच गया है। 35 साल के डॉक्टर सिमरप्रीत सिंह आनंद ड्यूटी रूम में अचेत अवस्था में मिले, जिन्हें बाद में मृत घोषित कर दिया गया।
Delhi: सिविल लाइंस इलाके के अरुणा आसफ अली अस्पताल में एक सीनियर रेजिडेंट डॉक्टर की मौत से हड़कंप मच गया है। 35 साल के डॉक्टर सिमरप्रीत सिंह आनंद ड्यूटी रूम में अचेत अवस्था में मिले, जिन्हें बाद में मृत घोषित कर दिया गया। डॉक्टर लुधियाना के रहने वाले थे और अस्पताल के एनेस्थीसिया विभाग में तैनात थे।
घटना 5 जुलाई 2026 की सुबह की है। डॉक्टर सिमरप्रीत 4 जुलाई की रात 8 बजे से सुबह 8 बजे तक नाइट ड्यूटी पर थे। जब ड्यूटी खत्म होने के बाद भी उनकी तरफ से कोई जवाब नहीं मिला, तो स्टाफ ने ड्यूटी रूम नंबर 109 का दरवाजा तोड़कर देखा। वहां डॉक्टर बेहोश पड़े थे, जिन्हें तुरंत इमरजेंसी विभाग ले जाया गया लेकिन तब तक उनकी मौत हो चुकी थी।
पुलिस और फॉरेंसिक टीम ने मौके से जांच के दौरान एक काले बैग से तीन पन्नों का सुसाइड नोट, एक पर्सनल डायरी, सिरिंज और दवाइयों की खाली शीशियां बरामद की हैं। शुरुआती जांच में सामने आया है कि डॉक्टर ने खुद को एनेस्थेटिक ड्रग्स का इंजेक्शन लगाया था। उनके बाएं हाथ में एक कैनुला भी मिला है, जो उन्होंने 4 जुलाई की रात करीब 10 बजे एक टेक्नीशियन से लगवाया था।
सुसाइड नोट में डॉक्टर ने अपनी मौत के लिए निजी कारणों को जिम्मेदार बताया है। नोट के मुताबिक, उनका संबंध इसी विभाग की एक अन्य डॉक्टर आकांक्षा चौधरी से था, लेकिन अलग-अलग जाति होने की वजह से दोनों के परिवार इस शादी के खिलाफ थे। पुलिस अब इन सभी दस्तावेजों की जांच कर रही है।
इस मामले में मृतक डॉक्टर के चाचा ने आरोप लगाया है कि अस्पताल की एक महिला डॉक्टर उनकी मौत की जिम्मेदार है, हालांकि सुसाइड नोट में खुदकुशी की बात कही गई है। फिलहाल पुलिस ने शव को मेडिकल बोर्ड के पास पोस्टमार्टम के लिए भेज दिया है और फॉरेंसिक रिपोर्ट के आधार पर आगे की कार्रवाई की जाएगी।