Delhi में CJP के विरोध प्रदर्शन के बीच सुरक्षा सख्त, 50 से ज्यादा अर्धसैनिक कंपनियों की तैनाती

Delhi: राजधानी दिल्ली में कॉकरॉच जनता पार्टी (CJP) के प्रदर्शनों को देखते हुए प्रशासन ने सुरक्षा के कड़े इंतजाम किए हैं। शहर में अब 50 से ज्यादा अर्धसैनिक बलों की कंपनियां तैनात रहेंगी ताकि कानून-व्यवस्था बनी रहे। यह पूर

Delhi: राजधानी दिल्ली में कॉकरॉच जनता पार्टी (CJP) के प्रदर्शनों को देखते हुए प्रशासन ने सुरक्षा के कड़े इंतजाम किए हैं। शहर में अब 50 से ज्यादा अर्धसैनिक बलों की कंपनियां तैनात रहेंगी ताकि कानून-व्यवस्था बनी रहे। यह पूरा मामला परीक्षा में हुई गड़बड़ियों और शिक्षा मंत्री धर्मेंद्र प्रधान के इस्तीफे की मांग से जुड़ा है।

सुरक्षा व्यवस्था को मजबूत करने के लिए पश्चिम बंगाल से CRPF की 20 कंपनियां बुलाई गई थीं और अब कुल संख्या 50 के पार पहुंच गई है। इस सुरक्षा घेरे में CRPF, RAF, BSF, ITBP और SSB के जवान शामिल हैं। दिल्ली पुलिस ने स्थिति की गंभीरता को देखते हुए अपने सभी कर्मियों की छुट्टियां अगले आदेश तक रद्द कर दी हैं। इसके अलावा, सुरक्षा कारणों से केंद्रीय दिल्ली के 17-18 मेट्रो स्टेशनों को बंद रखा गया है, जिससे आम यात्रियों को परेशानी हो सकती है।

हालिया घटनाक्रम की बात करें तो 24 जुलाई 2026 को कॉन्स्टिट्यूशन क्लब ऑफ इंडिया में CJP और केंद्र सरकार के बीच बातचीत शुरू हुई। इसी बीच कार्यकर्ता सोनम वांगचुक ने केंद्रीय मंत्री जेपी नड्डा और जितेंद्र सिंह से आश्वासन मिलने के बाद अपनी 26 दिनों की भूख हड़ताल खत्म कर दी। हालांकि, CJP ने साफ किया है कि धर्मेंद्र प्रधान के इस्तीफे तक जंतर-मंतर पर उनका शांतिपूर्ण विरोध जारी रहेगा और उन्होंने 24 जुलाई को राष्ट्रव्यापी प्रदर्शन का आह्वान भी किया है।

दूसरी तरफ, प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने एक वीडियो संदेश के जरिए छात्रों को भरोसा दिलाया है कि पेपर लीक रोकने के लिए एक सख्त नया कानून लाया जाएगा और इसके लिए फास्ट-ट्रैक अदालतें बनाई गई हैं। सरकार ने प्रभावित परिवारों को मुआवजा देने और छात्रों पर दर्ज कानूनी मामलों को वापस लेने पर सैद्धांतिक सहमति जताई है, लेकिन शिक्षा मंत्री के इस्तीफे की मांग पर 25 जुलाई तक का समय मांगा है।

तनाव के बीच CJP ने एक वेबसाइट शुरू करने की घोषणा की है, जहां घायल प्रदर्शनकारी उन पुलिसकर्मियों की तस्वीरें डालेंगे जिन्होंने कथित तौर पर बल प्रयोग किया। वहीं, CRPF अधिकारी 20 जुलाई को RAF द्वारा छर्रे वाली बंदूकों के इस्तेमाल की मीडिया रिपोर्ट्स की जांच कर रहे हैं, जबकि दिल्ली पुलिस ने इन दावों से इनकार किया है। पुलिस ने यह भी स्पष्ट किया कि नेशनल सिक्योरिटी एक्ट (NSA) की शक्तियों का नवीनीकरण एक नियमित प्रक्रिया है और इसका CJP के प्रदर्शनों से कोई सीधा संबंध नहीं है।