Delhi: राजधानी में बढ़ती गर्मी और हीटवेव को देखते हुए दिल्ली सरकार ने स्कूलों के लिए सख्त दिशा-निर्देश जारी किए हैं। मुख्यमंत्री Rekha Gupta ने बच्चों की सुरक्षा को प्राथमिकता देते हुए सभी सरकारी, निजी और सहायता प्राप्त
Delhi: राजधानी में बढ़ती गर्मी और हीटवेव को देखते हुए दिल्ली सरकार ने स्कूलों के लिए सख्त दिशा-निर्देश जारी किए हैं। मुख्यमंत्री Rekha Gupta ने बच्चों की सुरक्षा को प्राथमिकता देते हुए सभी सरकारी, निजी और सहायता प्राप्त स्कूलों को नए नियमों का पालन करने को कहा है। IMD द्वारा जारी येलो अलर्ट के बाद अब स्कूलों को बच्चों के स्वास्थ्य का खास ख्याल रखना होगा।
स्कूलों के लिए क्या हैं नए नियम और सुविधाएं
बच्चों को डिहाइड्रेशन से बचाने के लिए अब स्कूलों में ‘वॉटर बेल’ सिस्टम शुरू किया जाएगा। इसके तहत हर 45 से 60 मिनट में घंटी बजेगी ताकि छात्र पानी पिएं। इसके अलावा, खुले मैदानों में असेंबली, क्लास और खेलकूद की गतिविधियों पर रोक लगा दी गई है। स्कूलों को कैंपस में कई जगहों पर ठंडा और साफ पीने का पानी उपलब्ध कराना होगा। बच्चों की सेहत पर नजर रखने के लिए ‘बडी सिस्टम’ लागू होगा, जिसमें छात्र एक-दूसरे की मदद करेंगे।
रिपोर्ट जमा करने की डेडलाइन और निगरानी
Directorate of Education (DoE) ने सभी स्कूलों को 2 मई 2026 तक सेफ्टी कंप्लायंस रिपोर्ट जमा करने का आदेश दिया है। हर स्कूल में एक नोडल ऑफिसर नियुक्त किया जाएगा जो इन नियमों के पालन की निगरानी करेगा। स्कूलों को फर्स्ट-एड किट तैयार रखने और पास के अस्पतालों से तालमेल बिठाने के निर्देश दिए गए हैं। मुख्यमंत्री Rekha Gupta ने कहा है कि अभिभावक किसी भी समस्या के लिए उन्हें सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म X पर मैसेज कर सकते हैं या जिला मजिस्ट्रेट से शिकायत कर सकते हैं।
अभिभावकों के लिए जरूरी सलाह
सरकार ने पेरेंट्स से अपील की है कि वे बच्चों को हल्के और सूती कपड़े पहनाकर स्कूल भेजें। स्कूल के व्हाट्सएप ग्रुप से जुड़े रहें ताकि अपडेट मिलते रहें। अगर बच्चे की तबीयत खराब लगे या स्कूल में सुविधाओं की कमी दिखे, तो तुरंत स्कूल प्रशासन या जिला अधिकारियों को सूचित करें।
Frequently Asked Questions (FAQs)
दिल्ली के स्कूलों को सेफ्टी रिपोर्ट कब तक जमा करनी है?
सभी सरकारी और प्राइवेट स्कूलों को 2 मई 2026 तक अपनी सेफ्टी कंप्लायंस रिपोर्ट Directorate of Education (DoE) को देनी होगी।
वॉटर बेल सिस्टम क्या है?
यह एक नया नियम है जिसमें हर 45 से 60 मिनट में घंटी बजेगी ताकि छात्र नियमित रूप से पानी पिएं और हाइड्रेटेड रहें।