Delhi: दिल्ली के निजी स्कूलों में बच्चों को पढ़ाने वाले अभिभावकों के लिए एक बड़ी राहत की खबर आई है। डायरेक्टरेट ऑफ एजुकेशन (DoE) ने स्कूलों द्वारा एक साथ 2-3 महीने की एडवांस फीस मांगने पर पूरी तरह रोक लगा दी है। विभाग ने
Delhi: दिल्ली के निजी स्कूलों में बच्चों को पढ़ाने वाले अभिभावकों के लिए एक बड़ी राहत की खबर आई है। डायरेक्टरेट ऑफ एजुकेशन (DoE) ने स्कूलों द्वारा एक साथ 2-3 महीने की एडवांस फीस मांगने पर पूरी तरह रोक लगा दी है। विभाग ने साफ किया है कि कोई भी स्कूल अभिभावकों को एक महीने से ज्यादा की फीस जमा करने के लिए मजबूर नहीं कर सकेगा।
स्कूलों के लिए क्या हैं नए नियम?
DoE ने 2 मई 2026 को आदेश जारी कर कहा है कि स्कूल अब केवल एक कैलेंडर महीने की फीस ही मांग सकते हैं। यह फैसला दिल्ली हाई कोर्ट के पुराने फैसलों और 2019 के परिपत्र के आधार पर लिया गया है। इसके अलावा, अगस्त 2025 में उपराज्यपाल की मंजूरी मिला ‘दिल्ली स्कूल शिक्षा अधिनियम 2025’ भी फीस में पारदर्शिता लाने और मनमानी बढ़ोतरी रोकने के लिए लागू है।
नियम तोड़ने वाले स्कूलों पर क्या होगी कार्रवाई?
शिक्षा विभाग ने चेतावनी दी है कि अगर कोई स्कूल इन नियमों का उल्लंघन करता पाया गया, तो उसकी मान्यता रद्द की जा सकती है या स्कूल प्रबंधन को सरकारी नियंत्रण में लिया जा सकता है। सभी स्कूलों को निर्देश दिया गया है कि वे इस आदेश को 7 दिनों के भीतर अपने नोटिस बोर्ड और वेबसाइट पर लगाएं। मुख्यमंत्री रेखा गुप्ता ने यह भी कहा है कि किताबों और ड्रेस के लिए किसी खास दुकान का दबाव बनाने वाले स्कूलों पर भी सख्त एक्शन होगा।
अभिभावकों के लिए क्या है विकल्प?
DoE ने स्पष्ट किया है कि यह नियम उन लोगों के लिए है जिन्हें एक साथ ज्यादा पैसे देने में दिक्कत होती है। अगर कोई अभिभावक अपनी मर्जी से, बिना किसी दबाव के, एक महीने से ज्यादा की फीस एक साथ देना चाहता है, तो स्कूल उसे इसकी अनुमति दे सकते हैं। यह कदम मुख्य रूप से मध्यम और निम्न आय वर्ग के परिवारों का आर्थिक बोझ कम करने के लिए उठाया गया है।
Frequently Asked Questions (FAQs)
क्या स्कूल अब एडवांस फीस बिल्कुल नहीं ले सकते?
स्कूल अभिभावकों को एडवांस फीस के लिए मजबूर नहीं कर सकते। हालांकि, अगर कोई अभिभावक अपनी सुविधा के अनुसार खुद से एक महीने से अधिक की फीस देना चाहता है, तो वह दे सकता है।
नियमों का पालन न करने वाले स्कूलों पर क्या असर होगा?
नियम तोड़ने वाले स्कूलों की मान्यता रद्द की जा सकती है या उनके प्रबंधन को डायरेक्टरेट ऑफ एजुकेशन अपने हाथ में ले सकता है।