Delhi के 5,633 स्कूलों में बाल सुरक्षा समितियों का होगा गठन, LG और CM ने लिया बड़ा फैसला
Delhi: राजधानी के स्कूलों में बच्चों की सुरक्षा को पुख्ता करने के लिए दिल्ली सरकार ने एक बड़ा कदम उठाया है। लेफ्टिनेंट गवर्नर तरनजीत सिंह संधू और मुख्यमंत्री रेखा गुप्ता की बैठक में यह तय हुआ है कि दिल्ली के सभी 5,633 स्क
Delhi: राजधानी के स्कूलों में बच्चों की सुरक्षा को पुख्ता करने के लिए दिल्ली सरकार ने एक बड़ा कदम उठाया है। लेफ्टिनेंट गवर्नर तरनजीत सिंह संधू और मुख्यमंत्री रेखा गुप्ता की बैठक में यह तय हुआ है कि दिल्ली के सभी 5,633 स्कूलों में बाल संरक्षण समितियां बनाई जाएंगी। यह फैसला बच्चों को एक सुरक्षित माहौल देने और स्कूलों में होने वाली अप्रिय घटनाओं को रोकने के लिए लिया गया है।
इस नई व्यवस्था के तहत दिल्ली के सरकारी, सहायता प्राप्त और निजी स्कूलों सहित कुल 5,633 शिक्षण संस्थानों को कवर किया जाएगा। जुलाई 2026 को बाल संरक्षण माह के रूप में मनाया जा रहा है और इस महीने के अंत तक सभी स्कूलों में इन समितियों का गठन पूरा कर लिया जाएगा। बैठक में यह भी तय हुआ कि स्कूलों के कर्मचारियों को POCSO एक्ट के बारे में विशेष ट्रेनिंग दी जाएगी ताकि वे बच्चों की सुरक्षा से जुड़े कानूनों और नियमों को अच्छी तरह समझ सकें।
सुरक्षा के लिए मास्टर प्लान तैयार
प्रशासन ने इस पहल को केवल एक महीने के अभियान तक सीमित न रखकर इसे स्कूलों की एक स्थायी व्यवस्था बनाने का निर्देश दिया है। इसके लिए दिल्ली पुलिस की विशेष इकाई, शिक्षा विभाग और महिला एवं बाल विकास विभाग मिलकर काम करेंगे। प्रत्येक जिले में एक अतिरिक्त पुलिस उपायुक्त को बाल सुरक्षा मामलों के लिए नोडल अधिकारी बनाया गया है।
स्कूलों में लागू होने वाले मुख्य दिशा-निर्देश इस प्रकार हैं:
- सभी स्कूलों को सुरक्षा चेकलिस्ट का पालन करना होगा और इसका प्रमाण पत्र जमा करना होगा।
- यौन अपराधों से बच्चों के संरक्षण के लिए एक मानक संचालन प्रक्रिया (SOP) लागू की जाएगी।
- समितियों में स्कूल के प्रधानाचार्य, शिक्षक, माता-पिता, काउंसलर और छात्र शामिल होंगे।
- छात्रों को सुरक्षित और असुरक्षित स्पर्श, लैंगिक संवेदनशीलता और अपनी सीमाओं के बारे में जागरूक किया जाएगा।
इन स्कूलों में लागू होगी नई व्यवस्था
यह फैसला दिल्ली के हर श्रेणी के स्कूलों पर लागू होगा। सरकार ने इसकी पूरी संख्या साझा की है ताकि सुरक्षा व्यवस्था को जमीनी स्तर पर लागू किया जा सके।
| स्कूलों का प्रकार | कुल संख्या |
|---|---|
| दिल्ली सरकार के स्कूल | 1,077 |
| सरकारी सहायता प्राप्त स्कूल | 198 |
| MCD, NDMC और दिल्ली कैंट स्कूल | 2,612 |
| निजी (Private) स्कूल | 1,746 |
मुख्यमंत्री रेखा गुप्ता ने कहा कि सरकार का उद्देश्य एक मजबूत सुरक्षा तंत्र तैयार करना है ताकि हर बच्चा सुरक्षित महसूस करे। वहीं एलजी ने पहली बार अपराध करने वाले किशोरों की काउंसलिंग और उनके पुनर्वास पर भी विशेष बल दिया है। दिल्ली पुलिस अब स्कूलों के साथ-साथ पार्कों, झुग्गी बस्तियों और अनाथालयों में भी बच्चों की सुरक्षा के लिए विशेष अभियान चलाएगी।