Delhi में ‘संंसद चलो’ रैली के बाद बवाल, हत्या के प्रयास समेत 15 FIR दर्ज; 200 से ज्यादा पुलिसकर्मी घायल

Delhi: राजधानी दिल्ली के कर्तव्य पथ के पास 20 जुलाई को हुई ‘संंसद चलो’ रैली के दौरान भड़की हिंसा ने अब कानूनी मोड़ ले लिया है। दिल्ली पुलिस ने इस मामले में कम से कम 15 FIR दर्ज की हैं, जिनमें से एक में भारतीय

Delhi: राजधानी दिल्ली के कर्तव्य पथ के पास 20 जुलाई को हुई ‘संंसद चलो’ रैली के दौरान भड़की हिंसा ने अब कानूनी मोड़ ले लिया है। दिल्ली पुलिस ने इस मामले में कम से कम 15 FIR दर्ज की हैं, जिनमें से एक में भारतीय न्याय संहिता (BNS) की धारा 109(1) के तहत हत्या के प्रयास जैसा गंभीर आरोप लगाया गया है। यह विरोध प्रदर्शन Cockroach Janta Party (CJP) द्वारा परीक्षा सुधारों की मांग को लेकर किया गया था।

पुलिस के मुताबिक, प्रदर्शनकारियों ने निषेधाज्ञा के आदेशों को नजरअंदाज किया और संसद के पास हाई-सिक्योरिटी जोन में घुसने की कोशिश की। इस दौरान भीड़ ने पुलिस बैरिकेड्स तोड़ने का प्रयास किया और पुलिसकर्मियों पर पत्थर, चप्पल और अन्य चीजों से हमला किया। इस झड़प में 200 से ज्यादा पुलिसकर्मी और करीब 60 प्रदर्शनकारी घायल हुए हैं। साथ ही सरकारी गाड़ियों और सार्वजनिक संपत्ति को भी काफी नुकसान पहुँचाया गया है।

मामले की जांच के लिए दिल्ली पुलिस CCTV फुटेज, मोबाइल वीडियो और ड्रोन विजुअल्स खंगाल रही है। Facial Recognition System (FRS) के जरिए उन लोगों की पहचान की जा रही है जिन्होंने हिंसा की। पुलिस ने अब तक रैली स्थल पर मौजूद करीब 2,000 ऐसे लोगों की पहचान की है जिनका पुराना आपराधिक रिकॉर्ड रहा है।

दूसरी तरफ, Cockroach Janta Party ने अपनी मांगों पर अड़े रहने की बात कही है। पार्टी ने एक वेबसाइट बनाने का ऐलान किया है, जहाँ प्रदर्शनकारी उन पुलिसकर्मियों की फोटो और वीडियो डालेंगे जिन्होंने उनके साथ ज्यादा सख्ती की, ताकि उनके खिलाफ भी FIR करवाई जा सके। CJP की मांग है कि केंद्रीय शिक्षा मंत्री धर्मेंद्र प्रधान इस्तीफा दें और परीक्षा प्रणाली में सुधार हो।

सरकार की ओर से इस मामले में कुछ नरम रुख भी दिखा है। केंद्रीय मंत्रियों जे.पी. नड्डा और जितेंद्र सिंह के साथ हुई बातचीत के बाद सरकार ने NEET विवाद से प्रभावित परिवारों को मुआवजा देने और शांतिपूर्ण प्रदर्शनकारियों पर दर्ज FIR वापस लेने पर सैद्धांतिक सहमति जताई है। वहीं, प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने 21 जुलाई को एक पारदर्शी परीक्षा प्रणाली बनाने और पेपर लीक करने वालों को सजा दिलाने के लिए फास्ट-ट्रैक कोर्ट बनाने का वादा किया है।

इस पूरे मामले में दिल्ली हाई कोर्ट ने NIA या CBI जांच की मांग वाली याचिका को खारिज कर दिया है, लेकिन कोर्ट ने पुलिस द्वारा अत्यधिक बल प्रयोग के आरोपों पर केंद्र और दिल्ली पुलिस से जवाब मांगा है। साथ ही सभी CCTV फुटेज को सुरक्षित रखने के निर्देश दिए हैं। वहीं, Rapid Action Force (RAF) ने भी अपने जवानों के व्यवहार की आंतरिक जांच शुरू कर दी है।